UP Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2024 का पूरा गाइड। अनाथ/निराश्रित बच्चों को मिलेगा ₹2000 महीना + शिक्षा का पूरा खर्च। आवेदन फॉर्म, ऑनलाइन प्रक्रिया, पात्रता, दस्तावेज लिस्ट, हेल्पलाइन नंबर। कोविड अनाथों के लिए विशेष प्रावधान।
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (Mukhyamantri Bal Seva Yojana) सिर्फ एक आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं है; यह राज्य के सबसे संवेदनशील वर्ग—अनाथ और निराश्रित बच्चों—के लिए एक सुरक्षा कवच (Safety Net) है। इस योजना का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि माता-पिता के स्नेह और सहारे से वंचित हर बच्चा अपने पैरों पर खड़ा हो सके, उसकी शिक्षा बाधित न हो, और उसे एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। कोविड-19 महामारी ने ऐसे countless बच्चों की संख्या में अचानक वृद्धि की, जिसके बाद इस योजना की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
योजना की पृष्ठभूमि और दर्शन
यह योजना बाल अधिकारों के संरक्षण पर केंद्रित है। भारतीय संविधान और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत प्रत्येक बच्चे को सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा का अधिकार है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना इन्हीं संवैधानिक प्रावधानों को जमीन पर उतारने का एक सशक्त माध्यम है। यह योजना इस सिद्धांत पर कार्य करती है कि राज्य ही उन बच्चों का संरक्षक (Guardian) है, जिनके अपने संरक्षक नहीं हैं।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले विस्तृत लाभ (Comprehensive Benefits)
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मासिक वित्तीय पेंशन: प्रत्येक पात्र बच्चे को ₹2,000 प्रति माह की नकद सहायता दी जाती है। यह राशि बच्चे के संरक्षक (Guardian) के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित (DBT) की जाती है।
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उद्देश्य: इस राशि का उपयोग बच्चे की दैनिक जरूरतों, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य व्यय और अन्य छोटे-मोटे खर्चों के लिए किया जाता है।
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शैक्षिक सहायता (Educational Assistance): यह योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है।
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स्कूल/कॉलेज की फीस: बच्चे की शिक्षा की पूरी फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है।
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किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी: इन पर होने वाले खर्च के लिए अलग से वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है।
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वोकेशनल ट्रेनिंग: बड़े बच्चों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने का प्रावधान भी है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
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स्वास्थ्य सुरक्षा कवच:
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आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाना: लाभार्थी बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है।
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नियमित स्वास्थ्य जांच: बच्चों के समग्र विकास के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण की सुविधा सुनिश्चित की जाती है।
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संपूर्ण संरक्षण (Holistic Guardianship): राज्य सरकार बच्चे के कल्याण हेतु जिला बाल संरक्षण इकाइयों (DCPU) के माध्यम से निगरानी रखती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे का पालन-पोषण सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में हो रहा है।
विस्तृत पात्रता मानदंड (Detailed Eligibility Criteria)
योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे को निम्नलिखित श्रेणियों में से किसी एक में आना अनिवार्य है:
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द्वि-अनाथ बच्चे (Double Orphan): जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है।
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छद्म अनाथ बच्चे (De-facto Orphan): जिन बच्चों की स्थिति निम्नलिखित में से कोई एक हो:
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एक माता-पिता की मृत्यु और दूसरा माता-पिता कानूनी तौर पर दूसरी शादी कर चुका/चुकी हो।
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एक माता-पिता की मृत्यु और दूसरा माता-पिता अगर छोड़कर चला गया हो या फिर seven years से लापता हो।
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एक माता-पिता की मृत्यु और दूसरा माता-पिता मानसिक रूप से असंतुलित हो या incurable रोग से ग्रस्त हो या फिर विकलांग हो (80% या अधिक) और कमाने में असमर्थ हो।
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कोविड-19 अनाथ बच्चे (COVID-19 Orphans): 25 मार्च, 2020 के बाद कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को खोने वाले बच्चे। इनके आवेदनों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
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सामान्य शर्तें:
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बच्चा उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो।
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आवेदन के समय बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम हो।
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बच्चा बाल श्रम में संलग्न न हो।
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आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत सूची (Comprehensive Document Checklist)
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बच्चे के दस्तावेज:
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आधार कार्ड
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जन्म प्रमाण पत्र
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राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
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पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
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माता-पिता/संरक्षक के दस्तावेज:
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माता-पिता की मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
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संरक्षक का आधार कार्ड
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संरक्षक का बैंक खाता विवरण (पासबुक की फोटोकॉपी)
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आय प्रमाण पत्र (यदि संरक्षक कमाता है)
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आवास संबंधी दस्तावेज:
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निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
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स्वयं का घर होने का प्रमाण या किराए का समझौता
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अन्य विशिष्ट दस्तावेज (स्थिति के अनुसार):
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पुनर्विवाह का प्रमाण: यदि जीवित माता-पिता ने दूसरी शादी की है।
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लापता होने का प्रमाण: पुलिस रिपोर्ट या अदालत का आदेश।
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विकलांगता/बीमारी का प्रमाण: चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र।
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कोविड-19 मृत्यु प्रमाण: कोविड के कारण मृत्यु का मेडिकल प्रमाण पत्र या आधार पर लिंक्ड मृत्यु प्रमाण पत्र।
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आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन
ऑनलाइन आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया:
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पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट की आधिकारिक वेबसाइट https://edistrict.up.gov.in पर जाएं।
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लॉगिन/पंजीकरण: यदि पहले से अकाउंट नहीं है, तो “नया उपयोगकर्ता पंजीकरण” (New User Registration) के विकल्प पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी रजिस्टर करें। पंजीकृत उपयोगकर्ता सीधे लॉगिन कर सकते हैं।
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सेवा का चयन: लॉगिन के बाद, “सेवाओं की सूची” (List of Services) में जाएं और “मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना” का विकल्प चुनें।
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फॉर्म भरना: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इसमें सभी जानकारियां जैसे बच्चे का विवरण, माता-पिता का विवरण, संरक्षक का विवरण, पता आदि ध्यानपूर्वक और सही-सही भरें।
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दस्तावेज अपलोड करना: मांगे गए सभी दस्तावेजों की स्कैन की हुई PDF या JPG फाइलें अपलोड करें। फोटो और सिग्नेचर की साफ़ स्कैन कॉपी होनी चाहिए।
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फॉर्म जमा करना और पावती प्राप्त करना: फॉर्म सबमिट करने के बाद, एक यूनिक आवेदन संख्या (Application Number) या रेफरेंस नंबर मिलेगा। इस नंबर को सुरक्षित रखें, क्योंकि इसकी सहायता से आप भविष्य में अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:
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आवेदक अपने जिले की जिला बाल संरक्षण इकाई (District Child Protection Unit – DCPU) या चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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वहाँ से आवेदन फॉर्म प्राप्त करके, उसे भरकर और सभी दस्तावेजों की अटैस्टेड कॉपी संलग्न करके जमा कर सकते हैं।
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एक सामाजिक कार्यकर्ता (Social Worker) बच्चे और संरक्षक की पृष्ठभूमि की जांच (Home Study Report) करेगा, जिसके आधार पर आवेदन को मंजूरी दी जाती है।
योजना का क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र
यह योजना एक बहु-स्तरीय व्यवस्था के तहत चलाई जा रही है:
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नोडल विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश इस योजना का मुख्य नोडल विभाग है।
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जिला स्तरीय समिति: जिला स्तर पर एक समिति गठित की गई है, जिसमें जिलाधिकारी (DM) के अलावा महिला कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारी आदि शामिल होते हैं। यह समिति आवेदनों का सत्यापन और मंजूरी देती है।
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जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU): यह इकाई योजना को जमीन पर लागू करने, लाभार्थियों की पहचान करने और उनके कल्याण की निगरानी करने की मुख्य जिम्मेदार इकाई है।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना – उपयोगी लिंक्स (Useful Links)
This table provides direct links to the official portals and important resources related to the scheme.
| सेवा / संसाधन का नाम (Service/Resource Name) | विवरण (Description) | सीधा लिंक (Direct Link) |
|---|---|---|
| आधिकारिक आवेदन पोर्टल (Official Application Portal) | ऑनलाइन आवेदन करने, स्टेटस चेक करने और अधिसूचना देखने के लिए मुख्य पोर्टल। | https://edistrict.up.gov.in |
| महिला एवं बाल विकास विभाग, यूपी (Women & Child Development Dept, UP) | योजना का नोडल विभाग। आधिकारिक आदेश, परिपत्र और नियम यहां मिलते हैं। | http://upwcd.gov.in |
| बाल संरक्षण आयोग, यूपी (State Commission for Protection of Child Rights, UP) | बाल अधिकारों से संबंधित शिकायतों और जानकारी के लिए। | https://scpcr.upsdc.gov.in |
| यूपी जनसुनवाई पोर्टल (UP Jansunwai Portal) | योजना से संबंधित कोई समस्या या शिकायत दर्ज करने के लिए। | https://jansunwai.up.nic.in |
| आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) | स्वास्थ्य बीमा लाभ के बारे में जानकारी के लिए (यदि लाभार्थी को जोड़ा गया है)। | https://pmjay.gov.in |
| हेल्पलाइन नंबर (Helpline Number) | 1076 – उत्तर प्रदेश सरकार की सामान्य हेल्पलाइन। | 1076 |
महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं संसाधन (Important Documents & Resources)
| संसाधन का नाम (Resource Name) | विवरण (Description) | लिंक / स्रोत (Link / Source) |
|---|---|---|
| आवेदन फॉर्म (सैंपल) (Application Form – Sample) | आवेदन फॉर्म का प्रारूप और भरने का तरीका समझने के लिए। | स्रोत: ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद “बाल सेवा योजना” का फॉर्म देख सकते हैं। |
| आवश्यक दस्तावेजों की सूची (List of Required Documents) | आवेदन के लिए जरूरी सभी दस्तावेजों की विस्तृत चेकलिस्ट। | इस लेख के “आवश्यक दस्तावेज” सेक्शन में देखें। |
| जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) की सूची | अपने जिले की DCPU का पता और संपर्क नंबर ढूंढने के लिए। | खोज टिप: गूगल पर “[आपका जिला का नाम] District Child Protection Unit UP” सर्च करें। |
| मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन | यदि मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं है, तो इसे ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए। | https://edistrict.up.gov.in (जन्म/मृत्यु पंजीकरण सेक्शन में) |
नोट: आवेदन करने से पहले हमेशा आधिकारिक वेबसाइटों से ही जानकारी सत्यापित कर लें, क्योंकि नियम और प्रक्रियाएं अपडेट हो सकती हैं।
निष्कर्ष: एक नए भविष्य की नींव, एक सुनहरे कल की ओर कदम
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने की एक सामाजिक प्रतिबद्धता है। यह योजना उन कोमल कलियों को सहारा दे रही है जिन्हें जीवन की आंधी ने झकझोर दिया था, और उन्हें एक सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है।
यह योजना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि “हर बच्चा महत्वपूर्ण है” और कोई भी बच्चा अपने सपनों से वंचित नहीं रहना चाहिए। ₹2,000 की मासिक सहायता और शिक्षा का अधिकार केवल आंकड़े नहीं हैं; ये एक अनाथ बच्चे के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई किरण भरते हैं। यह सहायता उन्हें यह एहसास दिलाती है कि उन्हें अब भी राज्य और समाज का पूरा सहयोग और स्नेह मिल रहा है।
इस योजना की सबसे सराहनीय बात यह है कि यह “कल्याण” से आगे बढ़कर “सशक्तिकरण” का मार्ग प्रशस्त करती है। यह न केवल बच्चों का पेट भरती है, बल्कि उनके मन में पढ़ने और आगे बढ़ने की ललक भी पैदा करती है। इस तरह, आज का यह लाभार्थी बच्चा कल का एक शिक्षित डॉक्टर, एक कुशल इंजीनियर, एक जिम्मेदार नागरिक और देश का भविष्य बनेगा।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना वास्तव में एक क्रांतिकारी और मानवीय पहल है, जो एक समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह हम सभी के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आती है कि सामूहिक प्रयास और सही नीतियों से किसी भी विपरीत परिस्थिति को जीवन की नई दिशा में बदला जा सकता है। आइए, हम सब मिलकर इस पुनीत योजना को सफल बनाएं और राज्य के हर जरूरतमंद बच्चे तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करें, क्योंकि “बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, और उनका सुंदर कल ही हमारा सुंदर कल है।”
जय हिन्द ! जय उत्तरप्रदेश सरकार !
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना क्या है? (What is Mukhyamantri Bal Seva Yojana?)
A: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत राज्य के अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को ₹2,000 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता और शिक्षा का पूरा खर्च प्रदान किया जाता है।
Q2: बाल सेवा योजना के लिए आयु सीमा क्या है? (What is the age limit for Bal Seva Yojana?)
A: इस योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे की आयु आवेदन के समय 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
Q3: यूपी बाल सेवा योजना में आवेदन कैसे करें? (How to apply for UP Bal Seva Yojana?)
A: आप आधिकारिक वेबसाइट https://edistrict.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, आप अपने जिले की जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से ऑफलाइन आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।
Q4: क्या कोविड-19 में अनाथ हुए बच्चे इस योजना के पात्र हैं? (Are children orphaned during COVID-19 eligible for this scheme?)
A: हां, बिल्कुल। 25 मार्च, 2020 के बाद कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को खोने वाले बच्चों को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
Q5: बाल सेवा योजना के लिए जरूरी दस्तावेज कौन-कौन से हैं? (What are the required documents for Bal Seva Yojana?)
A: मुख्य दस्तावेजों में बच्चे का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, संरक्षक का बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।
Q6: यदि बच्चे का केवल एक ही माता-पिता की मृत्यु हुई है, तो क्या वह पात्र है? (If only one parent of the child has died, is he eligible?)
A: हां, कुछ शर्तों पर। यदि एक माता-पिता की मृत्यु हुई है और दूसरे ने दूसरी शादी कर ली है, या वह गंभीर रूप से बीमार/विकलांग है, तो बच्चा योजना के लिए पात्र हो सकता है।
Q7: आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (How to check application status?)
A: आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाले रेफरेंस नंबर से आप ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के “ट्रैक एप्लीकेशन” सेक्शन में जाकर अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
Q8: क्या लाभ की राशि सीधे बैंक खाते में मिलती है? (Is the benefit amount transferred directly to the bank account?)
A: हां, ₹2,000 की मासिक सहायता राशि सीधे बच्चे के संरक्षक (गार्जियन) के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जमा की जाती है।
Q9: बच्चे के 18 साल का होने के बाद क्या लाभ मिलता रहेगा? (Will the benefit continue after the child turns 18?)
A: नहीं, योजना का लाभ बच्चे के 18 वर्ष का होने पर बंद हो जाता है। यह लाभ उसकी स्कूली शिक्षा और बुनियादी जरूरतों तक सीमित है।
Q10: इस योजना के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है? (What is the helpline number for this scheme?)
A: आप उत्तर प्रदेश सरकार की सामान्य हेल्पलाइन 1076 पर कॉल करके या अपने जिले की जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से संपर्क करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
Q11: क्या बच्चा जन्म से ही विकलांग है और माता-पिता गुजर गए हैं, क्या वह पात्र है?
A: हां, जन्मजात विकलांगता पात्रता में बाधक नहीं है। यदि बच्चा अनाथ है और अन्य सभी मापदंडों को पूरा करता है, तो वह योजना का पात्र है।
Q12: यदि संरक्षक का बैंक खाता नहीं है तो क्या करें?
A: बैंक खाता अनिवार्य है क्योंकि लाभ DBT के माध्यम से दिया जाता है। आवेदन करने से पहले संरक्षक को किसी भी सरकारी या निजी बैंक में अपना खाता खुलवाना होगा।
Q13: क्या लाभार्थी बच्चे को आयुष्मान भारत कार्ड का लाभ स्वतः मिल जाता है?
A: जी हां, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर स्वचालित रूप से दिया जाता है।
Q14: आवेदन जमा करने के बाद सत्यापन प्रक्रिया क्या है?
A: आवेदन जमा होने के बाद, जिला स्तर पर एक सामाजिक कार्यकर्ता (सोशल वर्कर) द्वारा घर का दौरा (होम स्टडी) किया जा सकता है। वे बच्चे की वास्तविक स्थिति और देखभाल की जांच करते हैं, जिसके आधार पर अंतिम मंजूरी दी जाती है।
Q15: यदि आवेदन में कोई गलती हो जाए तो उसे सुधारना कैसे संभव है?
A: आवेदन सबमिट करने के बाद, एक विशेष समय सीमा के भीतर आप ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर लॉगिन करके “आवेदन सुधारें” (Edit Application) के विकल्प का उपयोग कर सकते हैं, या फिर जिला बाल संरक्षण इकाई से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
Q16: क्या बच्चा किसी बाल देखभाल संस्थान (Child Care Institution) में रहता है तो आवेदन कौन करेगा?
A: ऐसी स्थिति में, संस्था का प्रमुख (Incharge) या चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) द्वारा नामित कोई व्यक्ति बच्चे के संरक्षक के रूप में आवेदन कर सकता है।
Q17: क्या एक परिवार के एक से अधिक बच्चे इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
A: हां, यदि एक परिवार में एक से अधिक बच्चे (जैसे भाई-बहन) योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, तो प्रत्येक पात्र बच्चे के लिए अलग-अलग आवेदन किए जा सकते हैं और लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
Q18: मासिक पेंशन राशि कब तक मिलती रहेगी?
A: लाभार्थी बच्चे को 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक या फिर वह स्वावलंबी (Self-dependent) हो जाने तक, जो भी पहले हो, मासिक राशि मिलती रहेगी।
Q19: यदि बच्चा 10वीं या 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देता है, तो क्या लाभ बंद हो जाएगा?
A: नहीं, लाभ केवल आयु सीमा (18 वर्ष) से बंधा है, शैक्षिक स्थिति से नहीं। हालांकि, योजना का उद्देश्य बच्चे को शिक्षित करना है, इसलिए संरक्षक को बच्चे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
Q20: क्या गोद लिए हुए अनाथ बच्चे भी इस योजना के पात्र हैं?
A: यदि बच्चे को कानूनी रूप से गोद लिया गया है और दत्तक प्रमाण पत्र (Adoption Decree) उपलब्ध है, तो वह इस योजना का पात्र नहीं होगा, क्योंकि अब उसके नए माता-पिता उसके संरक्षक हैं।
Q21: आवेदन रद्द (Reject) होने के सामान्य कारण क्या हैं?
A: आवेदन के रद्द होने के प्रमुख कारण हैं: गलत या अधूरे दस्तावेज, पात्रता मानदंडों को पूरा न करना, सत्यापन के दौरान गलत जानकारी पाए जाना, या डुप्लीकेट आवेदन।
Q22: क्या कोई एनजीओ (NGO) बच्चों की ओर से आवेदन कर सकता है?
A: हां, यदि कोई पंजीकृत एनजीओ बच्चे की देखभाल की कानूनी जिम्मेदारी लेता है और उसके पास संबंधित अधिकार पत्र है, तो वह बच्चे की ओर से आवेदन कर सकता है।
Q23: यदि लाभ मिलना बंद हो गया हो तो शिकायत कहां करें?
A: सबसे पहले अपने जिले की डीसीपीयू (DCPU) से संपर्क करें। यदि समस्या हल न हो, तो आप राज्य बाल संरक्षण आयोग या यूपी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Q24: क्या बच्चे का परिवार पहले से ही किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ ले रहा है?
A: आमतौर पर, एक बच्चा एक ही प्रकार की पेंशन योजना का लाभ ले सकता है। यदि बच्चा पहले से किसी अन्य समान योजना (जैसे विधवा पेंशन यदि मां जीवित थी) का लाभ ले रहा था, तो बाल सेवा योजना में स्विच करने की आवश्यकता होगी।
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