UP Free Motorized Tricycle Yojana 2020 का पूर्ण विवरण। पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, विशेषताएं और लाभार्थी सूची देखें। दिव्यांगजनों के लिए स्वावलंबन का सशक्त माध्यम।
परिचय
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में राज्य के दिव्यांग नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश फ्री मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल स्कीम फॉर पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज के नाम से जानी जाने वाली इस योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे विकलांग व्यक्तियों, जो चलने-फिरने में पूर्णतः या आंशिक रूप से असमर्थ हैं, को निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल (बैटरी चालित तिपहिया वाहन) उपलब्ध कराना है। यह योजना न केवल उनकी शारीरिक गतिशीलता बढ़ाती है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को भी नए पंख देती है।
योजना की पृष्ठभूमि और महत्व
भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना को लागू किया। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 41 राज्य को निर्देश देता है कि वह बेरोजगारी, वृद्धावस्था, बीमारी और विकलांगता की दशा में नागरिकों को सहायता प्रदान करे। इसी संवैधानिक भावना को आत्मसात करते हुए, यह योजना दिव्यांग बंधुओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मूलमंत्र को साकार करने का एक प्रयास है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं (Key Features)
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निःशुल्क वितरण: पात्र लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल का पूर्ण रूप से निःशुल्क वितरण किया जाता है।
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बैटरी चालित: ये ट्राइसाइकिल पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बैटरी से चलती हैं, जिससे ईंधन का खर्च बचता है और प्रदूषण नहीं होता।
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विशेष डिजाइन: वाहनों को दिव्यांगजनों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे चढ़ना-उतरना और संचालन आसान हो।
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कम रख-रखाव खर्च: इलेक्ट्रिक वाहन होने के कारण इनके रख-रखाव का वार्षिक खर्च बहुत कम है।
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स्वावलंबन का प्रतीक: यह वाहन दिव्यांग व्यक्ति के लिए स्वावलंबन और गरिमा का प्रतीक बन जाता है।
UP Free Motorized Tricycle Yojana: Overview
| क्रम सं. | विषय | विवरण |
|---|---|---|
| 1. | योजना का नाम | उत्तर प्रदेश मुफ्त मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना (विकलांगजनों के लिए) |
| 2. | शुरुआत वर्ष | 2020 |
| 3. | संचालन राज्य | उत्तर प्रदेश |
| 4. | संबंधित विभाग | समाज कल्याण विभाग / दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग |
| 5. | मुख्य उद्देश्य | गतिशीलता हीनता वाले दिव्यांग व्यक्तियों को निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान करके उनकी गतिशीलता बढ़ाना, स्वावलंबन को बढ़ावा देना और शिक्षा, रोजगार व सामाजिक जीवन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना। |
| 6. | प्रमुख लाभ | निःशुल्क बैटरी/मोटर से चलने वाली तिपहिया व्हीलचेयर (ट्राइसाइकिल) का वितरण। |
| 7. | हमारी वेबसाइट | Www.tattletody.com |
| 8. | मुख्य पात्रता (विस्तृत) |
– आयु: आवेदक की आयु 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए। – निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। – दिव्यांगता: कम से कम 40% लोकोमोटर या अन्य संबंधित दिव्यांगता होनी चाहिए (सरकारी प्रमाण पत्र अनिवार्य)। – आर्थिक स्थिति: योजना का लाभ मुख्यतः गरीबी रेखा से नीचे (BPL) एवं निर्धन परिवारों के लिए है। |
| 9. | आवश्यक दस्तावेज (विस्तृत) |
1. आधार कार्ड 2. निवास प्रमाण पत्र 3. आयु प्रमाण पत्र 4. दिव्यांगता प्रमाण पत्र (40% या अधिक) 5. आय प्रमाण पत्र / BPL राशन कार्ड 6. पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ 7. बैंक खाता विवरण |
| 10. | आवेदन प्रक्रिया | योजना के तहत आवेदन ऑफलाइन मोड के माध्यम से संबंधित जिला समाज कल्याण / दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी के कार्यालय में आवेदन पत्र जमा करके किया गया था। |
| 11. | आधिकारिक वेबसाइट | उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट: http://ssup.up.nic.in/ |
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
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आयु सीमा: आवेदक की आयु आवेदन की तिथि को कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
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निवास प्रमाण: आवेदक के पास उत्तर प्रदेश का स्थायी निवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
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दिव्यांगता प्रमाण पत्र: आवेदक के पास चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी किया गया वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए। योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनकी दिव्यांगता लोकोमोटर (Locomotor Disability) या सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) की श्रेणी में आती है और जिनकी अक्षमता का प्रतिशत 40% या उससे अधिक है।
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आर्थिक पात्रता: योजना का लाभ मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के परिवारों के दिव्यांग सदस्यों के लिए है। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा (आमतौर पर ₹50,000 से ₹1,00,000 तक) से कम होनी चाहिए।
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ड्राइविंग लाइसेंस: कुछ मामलों में, ट्राइसाइकिल चलाने के लिए एक विशेष ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है, जिसके लिए आवेदक को शारीरिक रूप से सक्षम होना चाहिए।
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पूर्व लाभ नहीं: आवेदक ने इसी योजना के अंतर्गत पहले कभी कोई लाभ (ट्राइसाइकिल या अन्य सहायक उपकरण) प्राप्त नहीं किया हो।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
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आधार कार्ड: आवेदक का आधार कार्ड (मूल और फोटोकॉपी)।
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निवास प्रमाण पत्र: निर्वाचन आयोग का पहचान पत्र, राशन कार्ड, बिजली का बिल आदि।
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आयु प्रमाण पत्र: जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, आधार कार्ड।
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दिव्यांगता प्रमाण पत्र: सरकारी मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी मूल प्रमाण पत्र।
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आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार या संबंधित अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र।
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बीपीएल राशन कार्ड: यदि उपलब्ध हो।
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पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ: हाल ही में खींची गई 2-4 फोटोग्राफ।
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मोबाइल नंबर: आवेदक का अपना या परिवार के सदस्य का सक्रिय मोबाइल नंबर।
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बैंक खाता विवरण: आवेदक का बैंक खाता नंबर और IFSC कोड (यदि आवश्यक हो)।
आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
चूंकि यह योजना मुख्यतः ऑफलाइन मोड में संचालित की गई थी, इसलिए आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार थी:
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चरण 1: फॉर्म प्राप्ति
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आवेदक को अपने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी (Deputy Director, Disability Empowerment) के कार्यालय या जिला समाज कल्याण अधिकारी (District Social Welfare Officer) के कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होता था।
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चरण 2: फॉर्म भरना एवं दस्तावेज संलग्न करना
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फॉर्म में नाम, पता, दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत, आय आदि की जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होती थी।
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सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-सत्यापित फोटोकॉपी फॉर्म के साथ अटैच करनी होती थी।
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चरण 3: आवेदन जमा करना
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पूर्ण आवेदन पत्र संबंधित कार्यालय में जमा कर दिया जाता था। आवेदक को एक पावती (Acknowledgement Slip) अवश्य प्राप्त कर लेनी चाहिए।
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चरण 4: सत्यापन एवं जाँच
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विभागीय अधिकारी द्वारा आवेदन और दस्तावेजों की जाँच की जाती थी। कभी-कभी आवेदक के घर जाकर भी सत्यापन किया जाता था।
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चरण 5: लाभार्थी सूची में समावेशन
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सत्यापन के पश्चात, पात्र आवेदकों की एक सूची तैयार की जाती थी। इस सूची को अक्सर जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाता था ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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चरण 6: वाहन का वितरण
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अंत में, एक निश्चित तिथि पर जिला मुख्यालय या किसी निर्दिष्ट स्थान पर एक कार्यक्रम आयोजित करके माननीय मंत्री या जिलाधिकारी द्वारा लाभार्थियों को ट्राइसाइकिल का वितरण किया जाता था।
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योजना का समग्र प्रभाव और लाभ
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शिक्षा तक पहुँच: दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल-कॉलेज जाना सुगम हो गया।
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रोजगार के अवसर: वाहन मिलने से वे दूरस्थ स्थानों पर स्थित रोजगार केंद्रों तक आसानी से पहुँच सकते हैं।
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स्वास्थ्य सेवाएँ: समय-समय पर अस्पताल या चिकित्सा केंद्र पर जाना अब एक बड़ी चुनौती नहीं रही।
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सामाजिक सहभागिता: वे अब सामाजिक समारोहों, शादियों या सामुदायिक कार्यक्रमों में बिना संकोच के शामिल हो पाते हैं।
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मनोवैज्ञानिक लाभ: स्वावलंबन की भावना से उनके आत्म-सम्मान और मनोबल में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
संपर्क सूचना
योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए आप निम्नलिखित से संपर्क कर सकते हैं:
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विभाग: उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग / दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
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हेल्पलाइन नंबर: (आपके जिले के समाज कल्याण विभाग का फोन नंबर)
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आधिकारिक वेबसाइट: http://ssup.up.nic.in/ (उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट)
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश मुफ्त मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना 2020 केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि दिव्यांग समुदाय के लिए स्वावलंबन, गरिमा और नई उम्मीदों का प्रतीक बन गई है। यह योजना एक सशक्त कदम है, जो समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के प्रति राज्य सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
इस योजना ने न केवल हजारों दिव्यांग बंधुओं की शारीरिक गतिशीलता बढ़ाई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को एक नई उड़ान दी है। अब वे शिक्षा और रोजगार के रास्ते स्वयं खोल रहे हैं, समाज में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं और अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। यह ‘मानव समाज’ की सही अवधारणा को साकार करने का एक प्रयास है, जहाँ हर व्यक्ति, चाहे उसकी शारीरिक स्थिति कुछ भी हो, राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान दे सकता है।
निस्संदेह, उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना एक मिसाल बन गई है और देश के अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा है। यह साबित करती है कि सही दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम, लाखों लोगों के जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
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UP Free Motorized Tricycle Yojana: FAQs
Q1: उत्तर प्रदेश मुफ्त मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना क्या है?
A1: यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2020 में शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत राज्य के गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और निर्धन दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी गतिशीलता बढ़ाने के लिए निःशुल्क मोटराइज्ड (बैटरी चालित) ट्राइसाइकिल वितरित की जाती है।
Q2: इस योजना के लिए आवेदन कौन कर सकता है?
A2: कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है, यदि वह:
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उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी है।
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उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है।
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उसके पास 40% या अधिक की लोकोमोटर (चलने-फिरने संबंधी) दिव्यांगता का सरकारी प्रमाण पत्र है।
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उसके परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा से कम है।
Q3: आवेदन कैसे करें? क्या आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है?
A3: इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन थी। आवेदकों को अपने जिले के समाज कल्याण विभाग या दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कार्यालय से फॉर्म लेकर भरना था और संबंधित दस्तावेजों के साथ जमा करना था। अभी तक इसे ऑनलाइन पोर्टल पर लॉन्च नहीं किया गया है।
Q4: योजना के लिए कौन-से दस्तावेज आवश्यक हैं?
A4: मुख्य दस्तावेजों में शामिल हैं:
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आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र
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आयु प्रमाण पत्र
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दिव्यांगता प्रमाण पत्र (40% या अधिक)
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आय प्रमाण पत्र / BPL राशन कार्ड
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पासपोर्ट साइज फोटो
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बैंक खाता विवरण
Q5: क्या ट्राइसाइकिल पूरी तरह से मुफ्त है, या कोई छुपा हुआ शुल्क है?
A5: हाँ, यह ट्राइसाइकिल पात्र लाभार्थियों को पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाती है। इसमें खरीद, रजिस्ट्रेशन या वितरण के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है।
Q6: लाभार्थियों का चयन कैसे किया जाता है?
A6: लाभार्थियों का चयन समाज कल्याण विभाग द्वारा आवेदनों और दस्तावेजों की जाँच के बाद किया जाता है। चयन पारदर्शी तरीके से योग्यता और पात्रता के आधार पर होता है। चयनित लाभार्थियों की सूची अक्सर जिला कार्यालयों पर प्रदर्शित की जाती है।
Q7: क्या यह ट्राइसाइकिल चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती है?
A7: सामान्यतः, ये मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल एक विशेष श्रेणी में आती हैं। हालाँकि, यातायात नियमों का पालन करने और किसी कानूनी समस्या से बचने के लिए, लाभार्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह ट्राइसाइकिल चलाने के लिए एक विशेष ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करे, यदि स्थानीय परिवहन विभाग द्वारा आवश्यक हो।
Q8: यदि मेरा आवेदन अस्वीकार हो जाता है, तो मैं क्या कर सकता हूँ?
A8: यदि आवेदन अस्वीकार हो जाता है, तो आप संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी से अस्वीकृति का कारण जान सकते हैं। यदि आपको लगता है कि निर्णय गलत है, तो आप उच्च अधिकारी या जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Q9: क्या इस योजना का लाभ केवल एक बार मिल सकता है?
A9: हाँ, योजना के नियमों के अनुसार, एक परिवार का केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकता है और एक व्यक्ति को यह लाभ जीवन में केवल एक बार मिलता है।
Q10: अगर मुझे और जानकारी चाहिए, तो मैं किससे संपर्क करूँ?
A10: आप निम्नलिखित से संपर्क कर सकते हैं:
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संबंधित जिले का समाज कल्याण विभाग कार्यालय
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हेल्पलाइन नंबर: (अपने जिले के कार्यालय से पूछताछ करें)
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आधिकारिक वेबसाइट: http://ssup.up.nic.in/
Q11: क्या ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उसकी मरम्मत या रख-रखाव का खर्च सरकार वहन करेगी?
A11: योजना के तहत आमतौर पर केवल ट्राइसाइकिल का निःशुल्क वितरण शामिल है। हालाँकि, वारंटी अवधि के दौरान कुछ निर्माता कंपनियाँ मरम्मत की सुविधा प्रदान कर सकती हैं। दीर्घकालिक मरम्मत और रख-रखाव का खर्च लाभार्थी को स्वयं वहन करना होता है, क्योंकि यह एक बार का अनुदान है।
Q12: अगर मेरे पास पहले से ही एक मैनुअल व्हीलचेयर है, तो क्या मैं इस योजना के लिए आवेदन कर सकता हूँ?
A12: हाँ, आप आवेदन कर सकते हैं। पहले से मैनुअल व्हीलचेयर होना आवेदन के लिए अयोग्यता का कारण नहीं है। यदि आप मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की आवश्यकता को सही ढंग से प्रमाणित करते हैं और आप सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आपका चयन हो सकता है।
Q13: क्या यह ट्राइसाइकिल शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की सड़कों पर चलाने के लिए उपयुक्त है?
A13: जी हाँ, इन ट्राइसाइकिलों को भारतीय सड़कों की विविध परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इनमें मजबूत टायर और अच्छा ग्राउंड क्लीयरेंस होता है, जो उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की असमतल सड़कों पर भी चलाने के लिए उपयुक्त बनाता है।
Q14: अगर मैं अपनी ट्राइसाइकिल खो देता हूँ या वह चोरी हो जाती है, तो क्या सरकार दूसरी ट्राइसाइकिल प्रदान करेगी?
A14: नहीं, यह योजना एक व्यक्ति को एक ही ट्राइसाइकिल प्रदान करती है। खोई हुई या चोरी हुई ट्राइसाइकिल की प्रतिस्थापन के लिए सरकार की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में लाभार्थी को स्वयं सावधानी बरतने और वाहन को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है।
Q15: क्या ट्राइसाइकिल की बैटरी की लाइफ खत्म होने पर उसके रिप्लेसमेंट का खर्च सरकार देगी?
A15: नहीं, बैटरी एक खconsumable आइटम है और इसके रिप्लेसमेंट की जिम्मेदारी लाभार्थी की स्वयं की होती है। हालाँकि, वारंटी अवधि के दौरान बैटरी में किसी त्रुटि की स्थिति में निर्माता कंपनी से इसे बदलवाया जा सकता है।
Q16: क्या आवेदन करते समय किसी प्रकार की शुल्क या फीस देनी पड़ती है?
A16: बिल्कुल नहीं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। यदि कोई व्यक्ति आवेदन शुल्क के नाम पर पैसे मांगता है, तो यह गैर-कानूनी है और आपको तुरंत संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को इसकी शिकायत करनी चाहिए।
Q17: क्या इस योजना के तहत मिलने वाली ट्राइसाइकिल का उपयोग वाणिज्यिक उद्देश्य (जैसे सामान ढोना या यात्री परिवहन) के लिए किया जा सकता है?
A17: नहीं, इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य व्यक्तिगत गतिशीलता में सहायता करना है। ट्राइसाइकिल को वाणिज्यिक उपयोग के लिए डिजाइन नहीं किया गया है और ऐसा करना वारंटी को अमान्य कर सकता है तथा दुर्घटना का कारण बन सकता है।
Q18: क्या मैं अपने जिले के बाहर किसी अन्य जिले में आवेदन कर सकता हूँ?
A18: नहीं, आवेदन हमेशा आवेदक के स्थायी निवास वाले जिले के समाज कल्याण कार्यालय में ही किया जाना चाहिए। निवास प्रमाण पत्र के आधार पर आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।
Q19: अगर मेरा आवेदन सही है फिर भी ट्राइसाइकिल नहीं मिल रही है, तो मैं क्या कर सकता हूँ?
A19: सबसे पहले, अपने जिले के दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी से लिखित शिकायत दर्ज कराएँ। यदि इससे कोई समाधान नहीं निकलता, तो आप राज्य स्तर के समाज कल्याण निदेशालय, लखनऊ में शिकायत भेज सकते हैं या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (यदि उपलब्ध हो) का उपयोग कर सकते हैं।
Q20: क्या यह योजना अभी भी चल रही है या इसकी अंतिम तिथि क्या है?
A20: योजना वर्ष 2020 में शुरू की गई थी और यह एक निरंतर चलने वाली कल्याणकारी योजना है, जब तक सरकार द्वारा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जाता है। नए आवेदनों के लिए कोई निश्चित अंतिम तिथि नहीं है, लेकिन नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या जिला कार्यालय से संपर्क करना उचित रहेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना और अन्य योजनाओं के बारे में अधिक विस्तृत और नवीनतम जानकारी के लिए, हमेशा विजिट करें: https://tattletody.com
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