परिचय:
भारतीय समाज में विवाह का अत्यधिक सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व है। लेकिन दुर्भाग्यवश, यह शुभ अवसर अक्सर दहेज और भारी-भरकम खर्चों के बोझ तले दब जाता है, खासकर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाया है – उत्तर प्रदेश विवाह अनुदान योजना (Shadi Anudan Yojana)। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की गरीब और वंचित बेटियों के विवाह का आर्थिक भार हल्का करना और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को रोकना है।
यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता, स्वावलंबन और बेटियों के सम्मान का एक प्रतीक बन गई है।
योजना के मुख्य बिंदु (Key Points of the Scheme)
योजना का उद्देश्य (Objective):
-
गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और अति पिछड़े वर्ग के परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना।
-
दहेज प्रथा पर अंकुश लगाना और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाना।
-
बाल विवाह को रोकना और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों के प्रति जागरूकता लाना।
-
समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना।
पात्रता (Eligibility Criteria):
-
आवेदक: लाभार्थी लड़की स्वयं या उसके माता-पिता/अभिभावक आवेदन कर सकते हैं।
-
निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
-
आयु:
-
विवाह के समय लड़की की आयु 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
-
लड़के की आयु 21 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
-
-
आर्थिक स्थिति: परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में आता हो। इसके अलावा, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक और विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) के परिवार भी पात्र हैं।
-
शैक्षणिक योग्यता: कुछ मामलों में, लड़की की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (जैसे कक्षा 8 उत्तीर्ण) भी देखी जा सकती है, हालांकि यह मुख्य शर्त नहीं है।
-
विवाह की शर्त: विवाह का पंजीकरण उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमों के तहत होना अनिवार्य है।
अनुदान राशि (Grant Amount):
योजना के तहत लाभार्थी को ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents):
-
आवेदक का आधार कार्ड
-
लड़की का जन्म प्रमाण पत्र
-
निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट)
-
आय प्रमाण पत्र / BPL राशन कार्ड
-
जाति प्रमाण पत्र (यदि applicable)
-
विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र
-
विवाह का फोटोग्राफ
-
बैंक खाता पासबुक (लड़की का)
-
मोबाइल नंबर
-
शपथ पत्र (Affidavit) यह घोषणा करते हुए कि विवाह में दहेज लेन-देन नहीं हुआ है।