योजना का परिचय (Introduction)
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक सुनहरी क्रांति लाना है। इस योजना की शुरुआत सितंबर 2020 में 20,050 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ की गई थी, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 9,407 करोड़ रुपये और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों का योगदान 4,880 करोड़ रुपये है, जबकि 5,763 करोड़ रुपये निजी सहयोग से लगाए जाएंगे।

इस योजना को 2020-21 से 2024-25 की अवधि के लिए लागू किया जा रहा है। PMMSY का मुख्य फोकस “नीली क्रांति” के माध्यम से मछली उत्पादन को बढ़ावा देने, मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय दोगुनी करने और मत्स्य पालन क्षेत्र को एक टिकाऊ और मजबूत उद्योग के रूप में स्थापित करना है।
योजना के उद्देश्य (Objectives)
PMMSY के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
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मत्स्य उत्पादन में वृद्धि: वर्ष 2024-25 तक 220 लाख टन मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
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मछुआरों की आय दोगुनी करना: मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की आजीविका में सुधार करना और उनकी आय को बढ़ाना।
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मूल्य श्रृंखला का विकास: मत्स्य क्षेत्र में एकीकृत और कुशल मूल्य श्रृंखला (Value Chain) का निर्माण करना, जिसमें भंडारण, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात शामिल हैं।
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रोजगार सृजन: इस क्षेत्र में 55 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
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आधुनिक तकनीक को बढ़ावा: मत्स्य पालन में नवीन और आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाना।
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महिला सशक्तिकरण: मत्स्य क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें सशक्त बनाना।
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टिकाऊ प्रबंधन: मत्स्य संसाधनों का टिकाऊ (Sustainable) और पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन सुनिश्चित करना।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ (Key Features)
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वित्तीय सहायता: योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए उद्यमियों, मछुआरों और किसानों को सब्सिडी (अनुदान) के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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बुनियादी ढांचे का विकास: इसके तहत मछली बंदरगाहों (Fishing Harbours), लैंडिंग सेंटरों, कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट, प्रसंस्करण इकाइयों (Processing Units) आदि का निर्माण शामिल है।
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नवीन तकनीकों पर जोर: केज कल्चर, रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), बायो-फ्लॉक जैसी आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन।
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बीमा कवर: मछली पालन से जुड़े जोखिमों से बचाव के लिए मछुआरों को बीमा सुरक्षा प्रदान करना।
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प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण: मछुआरों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देना।
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ब्रांडिंग और विपणन: “मीनाक्षी” जैसे ब्रांड के तहत मछली उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन में सहायता।
योजना के लाभ (Benefits)
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मछुआरों और किसानों को लाभ:
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आधुनिक मछली पकड़ने के जहाज और उपकरण।
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नई मत्स्य पालन इकाइयों (जैसे- तालाब, केज) की स्थापना के लिए सहायता।
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मछली के भंडारण और परिवहन के लिए कोल्ड चेन सुविधा।
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दुर्घटना बीमा सुरक्षा।
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उद्यमियों को लाभ:
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मछली प्रसंस्करण इकाइयाँ (Processing Plants) लगाने के लिए वित्तीय सहायता।
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मूल्यवर्धित उत्पाद (Value-added Products) बनाने के लिए प्रोत्साहन।
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निर्यात को बढ़ावा।
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उपभोक्ताओं को लाभ:
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उच्च गुणवत्ता वाली, ताजी और स्वच्छ मछली की उपलब्धता।
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प्रसंस्कृत मछली उत्पादों की विविधता।
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वित्तीय सहायता का विवरण
सब्सिडी दरें विभिन्न श्रेणियों के लिए:
सामान्य श्रेणी:
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व्यक्तिगत लाभार्थी: 40%
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एफपीओ/एफपीसी/सहकारी समितियाँ: 40%
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निजी कंपनियाँ/उद्यमी: 35%
एससी/एसटी/महिला लाभार्थी:
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व्यक्तिगत लाभार्थी: 60%
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एफपीओ/एफपीसी/सहकारी समितियाँ: 60%
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निजी कंपनियाँ/उद्यमी: 50%
पहाड़ी और विशेष क्षेत्र:
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सभी श्रेणियों के लिए: 60%
योजना के घटक (Components)
PMMSY को मुख्य रूप से तीन व्यापक घटकों में बांटा गया है:
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केंद्र प्रायोजित योजना (CSS – Centrally Sponsored Scheme): इसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वित्तपोषण करती हैं। इसमें मुख्य रूप से निम्न शामिल हैं:
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मत्स्य संसाधनों का टिकाऊ विकास।
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मत्स्य प्रबंधन और नियामक ढांचा।
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मछुआरों के लिए आजीविका और सामाजिक सुरक्षा।
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केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme): इसका पूरा वित्तपोषण केंद्र सरकार करती है। इसमें शामिल हैं:
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मत्स्य पालन के लिए बुनियादी ढांचे का विकास (जैसे बंदरगाह, लैंडिंग सेंटर)।
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मूल्य श्रृंखला का एकीकरण और निर्यात को बढ़ावा।
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गुणवत्ता प्रबंधन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मानव संसाधन विकास।
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मूल्य श्रृंखला प्रबंधन
1. प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन
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प्रसंस्करण इकाइयाँ:
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छोटे और मध्यम स्तर की इकाइयाँ
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बड़ी संयंत्र इकाइयाँ
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मोबाइल प्रसंस्करण इकाइयाँ
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मूल्य संवर्धित उत्पाद:
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फिलेटेड मछली
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सूखी और नमकीन मछली
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मछली का तेल और आटा
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2. भंडारण और परिवहन
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कोल्ड स्टोरेज इकाइयाँ
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रेफ्रिजरेटेड वाहन
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आइस प्लांट्स
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पैकिंग हाउस
बाजार संपर्क और निर्यात
1. विपणन बुनियादी ढांचा
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मत्स्य बाजार (फिश मार्केट)
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खुदरा आउटलेट्स
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ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म
2. निर्यात बुनियादी ढांचा
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निर्यात विकास क्लस्टर
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अंतर्राष्ट्रीय मानक प्रमाणन
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निर्यात संवर्धन
पात्रता एवं लाभार्थी (Eligibility & Beneficiaries)
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व्यक्तिगत मछुआरे एवं मत्स्य किसान।
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मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (FPOs/Fish Farmer Producer Organisations)।
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स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups)।
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उद्यमी एवं कंपनियाँ (Entrepreneurs & Companies)।
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निजी संगठन एवं स्टार्ट-अप।
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राज्य सरकारों एवं उनकी एजेंसियों सहित सहकारी समितियाँ।
तकनीकी हस्तक्षेप और नवाचार
आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा:
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बायो-फ्लॉक तकनीक:
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पानी की गुणवत्ता प्रबंधन
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फीड दक्षता में सुधार
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पर्यावरण अनुकूल
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रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS):
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पानी का पुनर्चक्रण
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उच्च घनत्व पालन
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स्थान विशेष की स्वतंत्रता
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केज कल्चर:
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समुद्री केज कल्चर
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अंतर्देशीय जलाशय केज कल्चर
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डिजिटल तकनीक:
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ई-ग्रांट्स पोर्टल
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मोबाइल एप्लिकेशन
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ब्लॉकचेन ट्रेसबिलिटी
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प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
प्रशिक्षण कार्यक्रम:
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मत्स्य पालन प्रबंधन:
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वैज्ञानिक मत्स्य पालन तकनीक
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रोग प्रबंधन
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जल गुणवत्ता प्रबंधन
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प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन:
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उत्पाद विकास
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गुणवत्ता नियंत्रण
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पैकेजिंग तकनीक
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विपणन और निर्यात:
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बाजार संपर्क
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निर्यात प्रक्रिया
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ब्रांडिंग और विपणन
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आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
PMMSY के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया मुख्यतः ऑनलाइन है।
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आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: https://pmmsy.dof.gov.in/ पर विजिट करें।
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पंजीकरण करें: “e-Grantz” पोर्टल पर नया उपयोगकर्ता (User) के रूप में पंजीकरण करें।
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लॉगिन करें: अपने यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
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आवेदन फॉर्म भरें: योजना के अंतर्गत मिलने वाली विभिन्न गतिविधियों (जैसे- तालाब निर्माण, प्रसंस्करण इकाई, केज कल्चर आदि) के लिए संबंधित आवेदन फॉर्म चुनें और सभी जानकारी भरें।
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दस्तावेज अपलोड करें: आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
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आवेदन जमा करें: फॉर्म की जाँच करने के बाद सबमिट कर दें। आवेदन संख्या नोट कर लें।
नोट: आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया और पात्र की गतिविधियाँ राज्यों के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने राज्य के मत्स्य विभाग से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण दस्तावेज (Important Documents)
आवेदन करते समय आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
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आधार कार्ड
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पहचान पत्र (मत्स्य पालक पहचान पत्र, यदि उपलब्ध हो)
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निवास प्रमाण पत्र
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जमीन के कागजात (यदि तालाब/इकाई स्थापित करनी है)
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बैंक खाता विवरण
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मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो
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परियोजना रिपोर्ट (Project Report) (यदि आवश्यक हो)
सफलता की कहानियाँ और केस स्टडीज
राज्यवार उपलब्धियाँ:
आंध्र प्रदेश:
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झींगा मत्स्य पालन में उल्लेखनीय वृद्धि
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निर्यात में वृद्धि
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रोजगार सृजन
गुजरात:
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समुद्री मत्स्य पालन का विकास
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प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना
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निर्यात बुनियादी ढांचे का विकास
पश्चिम बंगाल:
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अंतर्देशीय मत्स्य पालन का विस्तार
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महिला सशक्तिकरण
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सहकारी समितियों का विकास
चुनौतियाँ और समाधान
प्रमुख चुनौतियाँ:
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जलवायु परिवर्तन:
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समुद्र के स्तर में वृद्धि
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तापमान परिवर्तन
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चरम मौसम की घटनाएं
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पर्यावरणीय चिंताएँ:
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जल प्रदूषण
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पारिस्थितिकी तंत्र का क्षरण
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जैव विविधता का नुकसान
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बाजार संबंधी चुनौतियाँ:
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मूल्य अस्थिरता
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आपूर्ति श्रृंखला की कमियाँ
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निर्यात बाधाएँ
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समाधान के उपाय:
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जलवायु अनुकूलन रणनीतियाँ
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टिकाऊ मत्स्य पालन प्रथाएँ
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बाजार संपर्क मजबूती
भविष्य की योजनाएँ और रोडमैप
दीर्घकालिक लक्ष्य:
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2030 तक के लक्ष्य:
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मत्स्य उत्पादन: 250 लाख टन
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निर्यात: ₹1.5 लाख करोड़
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रोजगार: 350 लाख लोग
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नीली क्रांति का विस्तार:
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समुद्री अर्थव्यवस्था का विकास
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तटीय क्षेत्रों का समग्र विकास
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टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति
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संपर्क जानकारी और सहायता
राष्ट्रीय स्तर:
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
कृषि भवन, दिल्ली
हेल्पलाइन: 1800-180-1551
ईमेल: [email protected]
आधिकारिक लिंक (Official Links)
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PMMSY की आधिकारिक वेबसाइट: https://pmmsy.dof.gov.in/
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मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार: https://dof.gov.in/
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e-Grantz पोर्टल (आवेदन के लिए): https://pmmsy.efish.gov.in/
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1 thought on “प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY): मत्स्य पालन क्षेत्र में क्रांति”