Atal Awasiya Vidyalaya Yojana 2025: शिक्षा और संस्कारों का आवासीय अभयारण्य

भूमिका: एक नई सुबह की शुरुआत

उत्तर प्रदेश, देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य, न केवल औद्योगिक विकास बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में भी तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार की यह मान्यता है कि वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब समाज का अंतिम छोर पर खड़ा श्रमिक वर्ग भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो। इसी विजन को साकार करने के लिए, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर आत्म निर्भर विद्यालय योजना (Atal Awasiya Vidyalaya Yojana) की नींव रखी गई है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि राज्य के लाखों श्रमिक परिवारों के सपनों को उड़ान देने का एक सशक्त माध्यम है। यह योजना उन बच्चों के लिए एक ‘अभयारण्य’ (Sanctuary) की तरह है, जिन्हें परिस्थितियों के चलते शिक्षा और उचित वातावरण से वंचित रह जाना पड़ता है।

योजना की पृष्ठभूमि एवं दर्शन (Background and Philosophy)

इस योजना का मूल दर्शन “शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन” है। इसका उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि एक ऐसा वातावरण निर्मित करना है जहाँ बच्चे सुरक्षित महसूस करें, अच्छे संस्कार सीखें और आत्मनिर्भर नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ें। यह योजना शिक्षा के अधिकार (Right to Education) को एक नए स्तर पर ले जाती है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा – सब कुछ एक साथ मिले।

योजना के विस्तृत लक्ष्य (Detailed Objectives)

  1. शैक्षिक समानता स्थापित करना: समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों को उच्च-स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराकर शैक्षिक खाई को पाटना।

  2. सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना: बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास सुनिश्चित करना। इसके तहत शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति और नैतिक शिक्षा पर समान रूप से जोर दिया जाएगा।

  3. कौशल विकास (Skill Development): नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप, कक्षा 6 से ही बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) देना, ताकि वे भविष्य में रोजगारपरक कौशल से लैस हो सकें।

  4. लिंग समानता को प्रोत्साहन: लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए उनके लिए पृथक एवं सुरक्षित आवासीय व्यवस्था करना, ताकि अभिभावक बिना किसी चिंता के अपनी बेटियों को शिक्षित कर सकें।

  5. सामाजिक एकीकरण: विभिन्न पृष्ठभूमि के बच्चों को एक छत के नीचे रहकर शिक्षा देना, जिससे सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत हो।

योजना का क्रियान्वयन: ठोस रूपरेखा (Implementation Framework)

  • विद्यालयों का नेटवर्क: राज्य के सभी 75 जिलों में इन आवासीय विद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य है। प्रारंभिक चरण में प्रत्येक मंडल (Division) के मुख्यालय पर इन विद्यालयों को शुरू किया जा रहा है।

  • अकादमिक संरचना: ये विद्यालय कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा प्रदान करेंगे। शिक्षा का माध्यम हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों हो सकता है, ताकि बच्चे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

  • अवसंरचना (Infrastructure): प्रत्येक विद्यालय में शैक्षणिक भवन, आवासीय छात्रावास, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल का मैदान, स्वास्थ्य केंद्र और एक सभागार होगा।

  • शैक्षणिक पाठ्यक्रम: CBSE या UP Board के पाठ्यक्रम के साथ-साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। कोडिंग, डिजिटल साक्षरता, कृषि विज्ञान, हस्तशिल्प जैसे विषयों को शामिल किया जा सकता है।

विस्तृत पात्रता मानदंड (Detailed Eligibility Criteria) 

  1. आवेदक की श्रेणी: आवेदक उत्तर प्रदेश के निर्माण श्रमिक, ईंट-भट्ठा श्रमिक, कृषि मजदूर, बेगार मजदूर, ASHA worker, आंगनवाड़ी worker सहित असंगठित क्षेत्र के सभी पंजीकृत श्रमिकों के बच्चे होंगे।

  2. आयु सीमा:

    • कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

    • कक्षा 9 में प्रवेश के लिए आयु 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

    • (आयु में छूट का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार हो सकता है)।

  3. शैक्षणिक योग्यता: बच्चे ने पिछली कक्षा (जिस कक्षा में प्रवेश लेना है) उत्तीर्ण की हो और उसके पास संबंधित मार्कशीट हो।

  4. पारिवारिक आय: परिवार की वार्षिक आय एक निर्धारित सीमा (अनुमानतः 3 लाख रुपये या उससे कम) से कम होनी चाहिए।

  5. अन्य: बच्चे के माता-पिता का उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के साथ पंजीकृत होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची (List of Required Documents)

  • छात्र के लिए:

    • जन्म प्रमाण पत्र

    • पिछली कक्षा की अंकतालिका (मार्कशीट)

    • आधार कार्ड

    • निवास प्रमाण पत्र

    • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

  • माता-पिता/अभिभावक के लिए:

    • श्रमिक पहचान पत्र (लेबर कार्ड)

    • आधार कार्ड

    • आय प्रमाण पत्र (तहसीलदार/नगर निगम द्वारा जारी)

    • बैंक खाता पासबुक

    • मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो)

आवेदन प्रक्रिया: चरणबद्ध मार्गदर्शन (Step-by-Step Application Guide)

  1. पंजीकरण (Registration):

    • सबसे पहले उत्तर प्रदेश श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://uplabour.gov.in/ पर जाएं।

    • ‘आत्म निर्भर विद्यालय योजना’ के सेक्शन में जाएं और ‘नया आवेदक पंजीकरण’ पर क्लिक करें।

    • अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP प्राप्त करें और एक यूजर आईडी व पासवर्ड बनाएं।

  2. आवेदन फॉर्म भरना (Filling the Application Form):

    • अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स से लॉगिन करें।

    • आवेदन फॉर्म खुलेगा, इसमें निम्नलिखित जानकारी ध्यानपूर्वक भरें:

      • छात्र का व्यक्तिगत विवरण (नाम, जन्म तिथि, लिंग आदि)

      • अभिभावक का विवरण (नाम, श्रमिक पहचान संख्या, व्यवसाय)

      • पारिवारिक आय का विवरण

      • संपर्क विवरण (पता, मोबाइल नंबर, ईमेल)

      • शैक्षणिक योग्यता का विवरण

  3. दस्तावेज अपलोड करना (Uploading Documents): 

    • सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके निर्धारित साइज (जैसे PDF, JPG, 500KB से कम) में अपलोड करें।

    • फोटोग्राफ और हस्ताक्षर स्पष्ट और नए होने चाहिए।

  1. आवेदन जमा करना एवं प्रिंट आउट (Submission and Printout):

    • सभी जानकारी की जांच करने के बाद ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।

    • आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद एक पावती पत्र (Acknowledgement Slip) या आवेदन संख्या प्राप्त होगी।

    • इसका प्रिंट आउट अवश्य निकाल लें और भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

  • आवेदनों की प्रारंभिक जांच के बाद, पात्र उम्मीदवारों की एक सूची तैयार की जाएगी।

  • चयन मेरिट (योग्यता), आय और आरक्षण के नियमों के आधार पर होगा।

  • आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय स्तर पर एक लॉटरी (ड्रा) भी की जा सकती है।

  • चयनित उम्मीदवारों की सूची आधिकारिक वेबसाइट और जिला श्रम कार्यालयों पर प्रकाशित की जाएगी।

निष्कर्ष: एक सशक्त भविष्य की ओर

उत्तर प्रदेश आत्म निर्भर विद्यालय योजना केवल एक नीति दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का एक जीवंत उदाहरण है। यह योजना हजारों-लाखों बच्चों के जीवन में शिक्षा की रोशनी फैलाकर उनके परिवार और समुदाय के जीवन स्तर को ऊपर उठाएगी। यह उत्तर प्रदेश को एक शिक्षित, कुशल और आत्मनिर्भर मानव संसाधन से समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। सभी पात्र अभिभावकों से अनुरोध है कि वे इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं और अपने बच्चे का भविष्य सुरक्षित करें।

महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क:

  • आधिकारिक वेबसाइट: उत्तर प्रदेश श्रम विभान

  • हेल्पलाइन नंबर: (योजना शुरू होने पर जारी किया जाएगा)

  • संपर्क स्थान: संबंधित जिला श्रम अधिकारी (District Labour Officer) का कार्यालय।

Useful Links 🔗 

आधिकारिक वेबसाइट (Official Website)

  • उत्तर प्रदेश श्रम विभान: https://uplabour.gov.in/

    • विवरण: यह योजना का प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। यहाँ आप आधिकारिक अधिसूचना, आवेदन फॉर्म, और नवीनतम अपडेट प्राप्त कर सकते हैं।

 संबंधित आधिकारिक लिंक (Related Official Links)

  • उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य पोर्टल: https://up.gov.in/

    • विवरण: राज्य सरकार के किसी भी अन्य विभाग से संबंधित जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।

  • यूपी लाभ: लाभार्थी सूची देखें: https://upbocw.in/ (अनुमानित)

    • विवरण: निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और लाभार्थी स्थिति की जाँच के लिए यह लिंक उपयोगी हो सकता है।

 आवेदन संबंधी लिंक (Application Related Links)

  • ऑनलाइन आवेदन लिंक (जारी होने पर): [आवेदन के लिए यहाँ क्लिक करें] (लिंक uplabour.gov.in पर उपलब्ध होगा)

  • श्रमिक पंजीकरण पोर्टल: https://uplabour.gov.in/Registration.aspx (अनुमानित)

    • विवरण: यदि माता-पिता का श्रमिक पहचान पत्र नहीं है, तो वे इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।

संपर्क सूचना (Contact Information)

  • हेल्पलाइन नंबर (जारी होने पर): 1800-180-xxxx (या अन्य)

    • विवरण: आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की सहायता के लिए इस टोल-फ्री नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

  • जिला श्रम अधिकारी (DLO) कार्यालय:

    • विवरण: सबसे विश्वसनीय स्रोत। आवेदन संबंधी किसी भी प्रश्न, दस्तावेज जमा करने या शिकायत के लिए अपने जिले के श्रम अधिकारी के कार्यालय से सीधे संपर्क करें। कार्यालय का पता और नंबर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर मिलेगा।

 महत्वपूर्ण दस्तावेज (Important Documents)

  • आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification/PDF): [योजना की विस्तृत अधिसूचना यहाँ डाउनलोड करें] (लिंक आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगा)

    • विवरण: योजना की पूर्ण शर्तें, पात्रता और नियम इस PDF दस्तावेज में उपलब्ध होंगे।

Status चेक करें (Check Status)

  • आवेदन स्थिति (Application Status): [अपना आवेदन स्टेटस चेक करें] (लिंक आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद सक्रिय होगा)

  • चयनित छात्रों की सूची (Selected Students List): [मेरिट लिस्ट यहाँ देखें] (लिंक चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सक्रिय होगा)


नोट: कृपया ध्यान दें कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही कुछ लिंक (जैसे आवेदन फॉर्म, स्टेटस चेकर) सक्रिय होंगे। नवीनतम जानकारी के लिए https://uplabour.gov.in/ को नियमित रूप से चेक करते रहें।

निष्कर्ष: एक नए युग का सूर्योदय

उत्तर प्रदेश आत्म निर्भर विद्यालय योजना 2025 केवल एक योजना नहीं, बल्कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने में बुनने जा रहा एक सुनहरा धागा है। यह हमारे समय की सबसे सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहलों में से एक है, जो न केवल वर्तमान को बदलने बल्कि भविष्य को गढ़ने का सामर्थ्य रखती है।

यह योजना “ताकत बनाम तकदीर” की लड़ाई में एक क्रांतिकारी मोड़ है। अब कोई भी बच्चा अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा और संस्कारों से वंचित नहीं रहेगा। यह हर उस मजदूर के हाथों में उम्मीद की नई किरण है, जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए सपने संजोए हुए है। इस योजना के माध्यम से, हर बच्चे की प्रतिभा को पंख मिलेंगे, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न आया हो।

आज का यह छात्र कल का डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, कलाकार और एक जिम्मेदार नागरिक बनेगा। यह योजना न केवल व्यक्तिगत जीवन में बदलाव लाएगी, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह शिक्षा के क्षेत्र में एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगी, जो वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाने का कार्य करेगी।

हम सभी को इस योजना का हिस्सा बनने में गर्व की अनुभूति होनी चाहिए। आइए, मिलकर इस पवित्र मिशन को सफल बनाएं और उत्तर प्रदेश को शिक्षा और विकास का एक आदर्श राज्य बनाने में अपना योगदान दें। यह योजना निश्चित रूप से ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नींव का सबसे मजबूत पत्थर साबित होगी।

जय हिन्द! जय उत्तर प्रदेश! 

FAQs 

प्रश्न 1: आत्म निर्भर विद्यालय योजना क्या है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक अभिनव पहल है, जिसके तहत राज्य के निर्माण श्रमिकों, ईंट-भट्ठा श्रमिकों और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त आवासीय शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसमें शिक्षा, रहना, खाना, यूनिफॉर्म आदि सभी सुविधाएं निःशुल्क दी जाएंगी।

प्रश्न 2: इस योजना के लिए आवेदन कौन कर सकता है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों (जैसे निर्माण मजदूर, ईंट-भट्ठा मजदूर, कृषि मजदूर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ASHA कार्यकर्ता आदि) के 10 से 15 वर्ष की आयु के बच्चे, जिन्होंने न्यूनतम कक्षा 5 उत्तीर्ण की है, आवेदन के पात्र हैं।

प्रश्न 3: आवेदन कैसे करें?
उत्तर: आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आधिकारिक वेबसाइट https://uplabour.gov.in/ पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा और आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।

प्रश्न 4: आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: मुख्य दस्तावेज हैं:

  • छात्र का जन्म प्रमाण पत्र

  • आधार कार्ड

  • माता-पिता का श्रमिक पहचान पत्र

  • आय प्रमाण पत्र

  • निवास प्रमाण पत्र

  • पिछली कक्षा की अंकसूची

  • पासपोर्ट साइज फोटो

प्रश्न 5: क्या लड़कियों के लिए अलग व्यवस्था है?
उत्तर: हां, पूरी तरह से। लड़कियों के लिए अलग और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था का प्रबंध किया जाएगा, जिसमें महिला वार्डन और चौकीदार की व्यवस्था होगी।

प्रश्न 6: क्या इस योजना में केवल पढ़ाई ही होगी?
उत्तर: जी नहीं। इस योजना में शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, कंप्यूटर शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।

प्रश्न 7: चयन प्रक्रिया क्या होगी?
उत्तर: चयन, मेरिट (शैक्षणिक प्रदर्शन), पारिवारिक आय और आरक्षण के नियमों के आधार पर होगा। आवश्यकता पड़ने पर एक पारदर्शी लॉटरी (ड्रा) प्रणाली भी अपनाई जा सकती है।

प्रश्न 8: क्या इस योजना में कोई छिपा हुआ शुल्क है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह एक पूर्ण रूप से निःशुल्क योजना है। इसमें शिक्षा, आवास, भोजन, पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म और स्वास्थ्य सुविधाएं बिना किसी शुल्क के प्रदान की जाती हैं।

प्रश्न 9: यदि आवेदन भरने में कोई समस्या आए तो क्या करें?
उत्तर: इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। इसके अलावा, आप अपने जिले के श्रम अधिकारी (Labour Officer) या श्रम कल्याण विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

प्रश्न 10: क्या यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है?
उत्तर: हां, यह योजना राज्य के सभी 75 जिलों में लागू है। प्रारंभ में मंडल स्तर पर विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं, जिनका विस्तार धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों में भी किया जाएगा।

प्रश्न 11: क्या बच्चे छुट्टियों में घर जा सकेंगे?
उत्तर: हाँ, निश्चित रूप से। विद्यालय में नियमित अवकाश की व्यवस्था होगी। समर वैकेशन और विंटर वैकेशन के दौरान बच्चे अपने घर जा सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर विशेष परिस्थितियों में छुट्टी का प्रावधान भी रहेगा।

प्रश्न 12: विद्यालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं क्या होंगी?
उत्तर: प्रत्येक विद्यालय परिसर में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सिकनेस रूम) होगा, जहाँ प्राथमिक उपचार की व्यवस्था available होगी। नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जाएंगे और गंभीर बीमारी की स्थित में नजदीकी अस्पताल में भेजा जाएगा।

प्रश्न 13: क्या बच्चों के लिए कोचिंग/अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था है?
उत्तर: हाँ, कमजोर छात्रों के लिए विशेष रेमेडियल कक्षाएं (अतिरिक्त शिक्षण) का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकता है।

प्रश्न 14: यदि माता-पिता का श्रमिक पहचान पत्र नहीं है तो क्या करें?
उत्तर: श्रमिक पहचान पत्र बनवाना अनिवार्य है। आप तहसील/जिला श्रम कार्यालय में संपर्क करके निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण की अस्थायी रसीद भी आवेदन के लिए मान्य हो सकती है, पूर्ण विवरण आधिकारिक अधिसूचना में दिया जाएगा।

प्रश्न 15: क्या एक परिवार के एक से अधिक बच्चे आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, एक परिवार के एक से अधिक बच्चे आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक बच्चे का आवेदन अलग से होगा और उसका चयन मानदंडों के आधार पर स्वतंत्र रूप से होगा।

प्रश्न 16: विद्यालयों में सुरक्षा की क्या व्यवस्था होगी?
उत्तर: विद्यालय परिसर में CCTV कैमरे, सुरक्षा गार्ड और अग्निशमन उपकरणों जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। छात्राओं के हॉस्टल में महिला सुरक्षा कर्मी तैनात होंगी।

प्रश्न 17: क्या यह योजना केवल सरकारी स्कूल के पाठ्यक्रम पर चलेगी?
उत्तर: विद्यालय यूपी बोर्ड या सीबीएसई पाठ्यक्रम पर संचालित हो सकते हैं, लेकिन इनमें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित विशेष पाठ्यक्रम और कौशल विकास के modules भी शामिल होंगे।

प्रश्न 18: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: आवेदन की अंतिम तिथि की घोषणा अभी नहीं की गई है। यह जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से साझा की जाएगी।

प्रश्न 19: चयनित छात्रों की सूची कहाँ देखी जा सकेगी?
उत्तर: चयनित छात्रों की सूची आधिकारिक वेबसाइट https://uplabour.gov.in/ और संबंधित जिला श्रम कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित की जाएगी।

प्रश्न 20: क्या इस योजना में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं होंगी?
उत्तर: हाँ, दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए infrastructure, शौचालय, तथा शिक्षण सहायक उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार विशेष शिक्षक भी नियुक्त किए जा सकते हैं।

प्रश्न 21: बच्चों के भोजन की क्या व्यवस्था होगी?
उत्तर: बच्चों को पौष्टिक और संतुलित भोजन दिया जाएगा। मेनू एक डाइटिशियन द्वारा तैयार किया जाएगा। शाकाहारी भोजन की व्यवस्था होगी।

प्रश्न 22: यदि आवेदन फॉर्म में कोई गलती हो जाए तो उसे सुधार सकते हैं?
उत्तर: आवेदन जमा करने के बाद एक निश्चित अवधि तक (जैसे 2-3 दिन) आप लॉगिन करके फॉर्म में सुधार कर सकते हैं। सबमिशन के बाद सुधार की सुविधा बंद हो जाएगी।

प्रश्न 23: क्या सत्र के बीच में प्रवेश लिया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, प्रवेश केवल शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही, निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया के through ही संभव होगा। सत्र के बीच में प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं है।

प्रश्न 24: क्या बच्चों के लिए यूनिफॉर्म और किताबें मुफ्त दी जाएंगी?
उत्तर: हाँ, योजना के तहत छात्रों को पूरी तरह से निःशुल्क यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी और अन्य शैक्षणिक सामग्री प्रदान की जाएगी।

 

 

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