UP Shauchalaya Sahayata Yojana 2024: पूरी जानकारी – आवेदन, किस्त, मॉडल, लाभार्थी सूची, हेल्पलाइन | UP Toilet Scheme

UP Shauchalay Sahayata Yojana 2024 की संपूर्ण गाइड। 12,000 रुपये की सहायता राशि की किस्तें कैसे मिलती हैं? शौचालय निर्माण का सही मॉडल, ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, शिकायत निवारण और आधिकारिक लिंक। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से जुड़ें। 

Introduction 

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना (UP Shauchalay Sahayata Yojana) चलाई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को घर में शौचालय निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना खुले में शौच की प्रथा को समाप्त करके पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाना चाहती है। इस लेख में, हम आपको योजना के नवीनतम अपडेट, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

Table of Contents

UP Shauchalay Sahayata Yojana का उद्देश्य (Objective of the UP Shauchalay Sahayata Yojana )

उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में शौचालय का निर्माण सुनिश्चित करना।

  • खुले में शौच जाने की समस्या को जड़ से खत्म करना।

  • महिलाओं और बच्चियों को गोपनीयता और सुरक्षा प्रदान करना।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का स्तर बढ़ाकर बीमारियों को फैलने से रोकना।

  • स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहयोग देना।

UP Shauchalay Sahayata Yojana 2024: नवीनतम अपडेट (Latest Updates)

  • वित्तीय सहायता राशि: योजना के तहत लाभार्थी परिवारों को 12,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है।

  • आवेदन प्रक्रिया: आवेदन मुख्य रूप से ऑफलाइन मोड के माध्यम से की जाती है। लाभार्थियों को अपने ग्राम प्रधान या नगर पंचायत के माध्यम से आवेदन करना होता है।

  • लाभार्थी सूची: योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाती है। इसे ऑनलाइन भी चेक किया जा सकता है।

  • योजना का लाभ: यह सहायता राशि शौचालय निर्माण में उपयोग की जाती है, जिससे लाभार्थी को एक बेहतर और स्वच्छ जीवनशैली मिलती है।

UP Shauchalay Sahayata Yojana के प्रमुख लाभ (Key Benefits of the UP Shauchalay Sahayata Yojana)

  • आर्थिक सहायता: लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये की सहायता मिलती है।

  • स्वास्थ्य लाभ: स्वच्छता में सुधार से डायरिया, हैजा, टाइफाइड जैसी बीमारियों में कमी आती है।

  • सुरक्षा: महिलाओं और बच्चियों को खुले में शौच जाने के दौरान होने वाली शर्मिंदगी और असुरक्षा से मुक्ति मिलती है।

  • पर्यावरण सुरक्षा: खुले में शौच से होने वाले भूमि और जल प्रदूषण पर रोक लगती है।

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना के लिए आवेदक में निम्नलिखित पात्रताएं होनी चाहिए:

  1. आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

  2. परिवार के पास अपना कोई शौचालय नहीं होना चाहिए।

  3. योजना का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धन परिवारों, एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को दिया जाता है।

  4. आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

  5. परिवार के नाम पर आवासीय जमीन होनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents) 

 

  • आवेदक का आधार कार्ड

  • निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड / वोटर आईडी कार्ड)

  • आय प्रमाण पत्र

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि applicable हो)

  • बैंक खाता पासबुक

  • मोबाइल नंबर

  • पासपोर्ट साइज फोटो

उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना के लिए आवेदन कैसे करें? (How to Apply for UP Shauchalay Sahayata Yojana?)

चूंकि अभी तक योजना के लिए सीधी ऑनलाइन आवेदन सुविधा शुरू नहीं की गई है, इसलिए आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  1. ग्राम प्रधान / पंचायत सचिव से संपर्क करें: सबसे पहले अपने गांव के ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव से संपर्क करें और शौचालय सहायता योजना के बारे में जानकारी लें।

  2. आवेदन फॉर्म प्राप्त करें: ग्राम प्रधान से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। कई जगहों पर प्रधान ही स्वयं योग्य परिवारों की पहचान करके फॉर्म वितरित करते हैं।

  3. फॉर्म भरें और दस्तावेज संलग्न करें: आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें और सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रतिलिपि फॉर्म के साथ अटैच कर दें।

  4. फॉर्म जमा करें: भरे हुए आवेदन फॉर्म और दस्तावेजों को ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा कर दें।

  5. सत्यापन और स्वीकृति: ग्राम पंचायत द्वारा आपकी पात्रता की जांच की जाएगी और उसके बाद आपका नाम लाभार्थी सूची में शामिल किया जाएगा।

  6. सहायता राशि प्राप्ति: स्वीकृति के बाद, सहायता राशि सीधे आपके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेज दी जाएगी।

लाभार्थी सूची कैसे चेक करें? (How to Check Beneficiary List?)

योजना के लाभार्थियों की सूची चेक करने के लिए आप निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की आधिकारिक वेबसाइट https://swachhbharatmission.gov.in पर जाएं।

  2. होमपेज पर, “ग्रामीण” सेक्शन में “Our Progress” या “Reports” के विकल्प पर क्लिक करें।

  3. यहां आपको राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश का चयन करना होगा और फिर अपने जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा।

  4. इसके बाद, आपके सामने संबंधित ग्राम पंचायत के लाभार्थियों की सूची खुल जाएगी।

  5. वैकल्पिक रूप से, आप अपनी ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर भी लाभार्थी सूची देख सकते हैं।

UP Shauchalay Sahayata Yojana का वित्तीय मॉडल और किस्तें (Financial Model & Installments)

योजना के तहत मिलने वाली 12,000 रुपये की वित्तीय सहायता केवल एक सहायता है, न कि पूर्ण लागत। यह राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे जमा की जाती है। इस राशि को अब दो किस्तों में विभाजित किया गया है:

  1. पहली किस्त (प्रथम आहरण): ₹6,000

    • जारी होने की शर्त: जैसे ही लाभार्थी शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करता है और उसकी नींव (पिट) का काम पूरा हो जाता है। ग्राम प्रधान या स्वच्छता समिति द्वारा इस चरण का सत्यापन किया जाता है।

    • उद्देश्य: लाभार्थी को शुरुआती सामग्री जैसे ईंट, सीमेंट, रेत आदि खरीदने में सहायता करना।

  2. दूसरी किस्त (द्वितीय आहरण): ₹6,000

    • जारी होने की शर्त: जब शौचालय का निर्माण पूर्ण हो जाता है और उसका उपयोग शुरू हो जाता है। अंतिम सत्यापन में यह सुनिश्चित किया जाता है कि शौचालय स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तकनीकी मानकों के अनुरूप है।

    • उद्देश्य: निर्माण कार्य को पूरा करने और सुपरस्ट्रक्चर (छत, दरवाजा, प्लास्टर आदि) के लिए वित्तीय support देना।

नोट: पहले यह राशि तीन किस्तों में दी जाती थी, लेकिन नई गाइडलाइन्स के अनुसार अब इसे दो किस्तों में ही वितरित किया जाता है ताकि प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।

शौचालय निर्माण के तकनीकी मॉडल (Technical Models for Toilet Construction)

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) दो-गड्ढ़े वाले पिट शौचालय (Twin-Pit Pour-Flush Toilet) के निर्माण को प्रोत्साहित करता है। यह मॉडल सबसे अधिक वैज्ञानिक, किफायती और सुरक्षित माना जाता है।

दो-गड्ढ़े शौचालय मॉडल के लाभ:

  • सुरक्षा: यह मिट्टी और भूजल को प्रदूषित होने से बचाता है।

  • कम लागत: इसमें सीवर लाइन की आवश्यकता नहीं होती, जिससे लागत कम आती है।

  • खाद का उत्पादन: एक गड्ढा भरने के बाद दूसरे गड्ढे का उपयोग शुरू कर दिया जाता है। लगभग 1-2 साल में पहले गड्ढे का मल पूरी तरह से सुरक्षित खाद में बदल जाता है, जिसे खेतों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • सफाई का खर्च नहीं: गड्ढे के भरने पर सफाई के लिए टैंकर आदि की जरूरत नहीं पड़ती।

शौचालय निर्माण के मुख्य घटक:

  1. सुपरस्ट्रक्चर: शौचालय का ऊपरी हिस्सा (कमरा), जो ईंट, सीमेंट आदि से बनता है।

  2. पिट (गड्ढा): आमतौर पर 3 फीट चौड़ा और 5 फीट गहरा गड्ढा, जो ईंटों से लाइन्ड होता है।

  3. स्लैब: कंक्रीट का बना हुआ प्लेटफॉर्म जिसमें शौचालय पैन (पोर्सिलेन या प्लास्टिक) लगा होता है।

  4. पानी की व्यवस्था: फ्लश के लिए पानी की व्यवस्था (आमतौर पर एक बाल्टी/मग से भी काम चलाया जाता है)।

आवेदन और लाभ प्राप्ति की विस्तृत प्रक्रिया (Detailed Application & Benefit Process) 

  1. पहचान और सूचीकरण (Identification & Listing):

    • ग्राम पंचायत द्वारा गाँव के उन परिवारों की पहचान की जाती है जिनके पास शौचालय नहीं है। इसे Base Line Survey कहते हैं।

    • इस सूची को ग्राम सभा की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाता है।

  2. आवेदन पत्र भरना (Filling Application Form):

    • पहचाने गए लाभार्थियों को ग्राम पंचायत कार्यालय से आवेदन पत्र मिलता है।

    • फॉर्म में लाभार्थी का नाम, पता, आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, जमीन का प्रमाण आदि भरना होता है।

  3. दस्तावेज सत्यापन (Document Verification):

    • ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा सभी दस्तावेजों की जांच की जाती है।

  4. सहायता राशि का अधिक्रमण (Sanction of Aid):

    • सत्यापन के बाद, लाभार्थी का नाम आधिकारिक लाभार्थी सूची में शामिल कर दिया जाता है और पहली किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू होती है।

  5. निर्माण और निरीक्षण (Construction & Inspection):

    • लाभार्थी शौचालय का निर्माण शुरू करता है। ग्राम पंचायत/स्वच्छाग्रही (स्वच्छता समन्वयक) द्वारा निर्माण की प्रगति की निगरानी की जाती है।

    • प्रत्येक चरण (पिट निर्माण और अंतिम निर्माण) का सत्यापन किया जाता है और मोबाइल ऐप के माध्यम से तस्वीरें अपलोड की जाती हैं।

  6. किस्तों का हस्तांतरण (Transfer of Installments):

    • प्रत्येक चरण के सफल सत्यापन के बाद, संबंधित किस्त लाभार्थी के खाते में भेज दी जाती है।

शिकायत निवारण और हेल्पलाइन (Grievance Redressal & Helpline)

यदि किसी लाभार्थी को सहायता राशि न मिलने, सूची में नाम न होने या निरीक्षण में अनियमितता की शिकायत है, तो वह निम्नलिखित तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकता है:

  1. स्थानीय स्तर: सबसे पहले अपने ग्राम प्रधान या ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) से संपर्क करें।

  2. जिला स्तर: संबंधित जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) या स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के नोडल अधिकारी से सम्पर्क करें।

  3. राज्य हेल्पलाइन: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 1967 या 14456 पर कॉल करें।

  4. ऑनलाइन शिकायत:

    • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और “Grievance Redressal” सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज कराएं।

    • पीएम-मोदी की ऐप (PMO App) के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

सामान्य चुनौतियाँ और समाधान (Common Challenges & Solutions) 

  • चुनौती: जमीन का अभाव (बहुत छोटा प्लॉट)।

    • समाधान: ऐसे cases में, क्लस्टर शौचालय या सामुदायिक शौचालय बनाने का प्रावधान है, जहाँ कई परिवार मिलकर एक सामान्य भूखंड पर शौचालय बना सकते हैं।

  • चुनौती: पानी की कमी।

    • समाधान: पानी बचाने वाले फ्लैश सिस्टम को प्रोत्साहित किया जाता है। बाल्टी से पानी डालकर फ्लश करने की सलाह दी जाती है, जिसमें कम पानी लगता है।

  • चुनौती: सहायता राशि न मिलना।

    • समाधान: सबसे पहले बैंक खाते के विवरण की जांच करें। फिर ग्राम प्रधान और BDO से शिकायत करें। अंत में, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।

  • चुनौती: निर्माण के बाद शौचालय का उपयोग न करना।

    • समाधान: इसे ODF Plus के तहत स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन (Behavior Change Communication) के माध्यम से संबोधित किया जाता है। आशा workers, ANM, और स्कूल शिक्षक लोगों को निरंतर उपयोग के लिए प्रेरित करते हैं।

UP Shauchalay Sahayata Yojana Useful Links

सेवा का नाम (Service Name) विवरण (Description) सीधा लिंक (Direct Link)
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) आधिकारिक पोर्टल योजना की मुख्य वेबसाइट। यहाँ से प्रगति रिपोर्ट, राज्य-वार डेटा और आधिकारिक दिशा-निर्देश देखे जा सकते हैं। https://swachhbharatmission.gov.in
SBM-G आँकड़े एवं रिपोर्ट (SBM-G Statistics & Reports) गाँव, ब्लॉक और जिले के स्तर पर शौचालय निर्माण की प्रगति और लाभार्थी सूची (Beneficiary List) देखने के लिए सीधी लिंक। https://sbm.gov.in/sbmreport/home.aspx
शिकायत निवारण पोर्टल (Grievance Redressal Portal) यदि सहायता राशि नहीं मिली, नाम सूची में छूट गया है या कोई अन्य समस्या है, तो यहाँ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएँ। https://pgportal.gov.in/
उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग योजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार राज्य स्तरीय नोडल विभाग। राज्य-स्तरीय नोटिफिकेशन यहाँ मिल सकते हैं। https://panchayatiraj.up.nic.in/
राष्ट्रीय शिकायत सेवा (National Grievance Service) शिकायत दर्ज कराने और उसकी स्थिति ट्रैक करने का एक अन्य वैकल्पिक पोर्टल। https://pgportal.gov.in/Registration
प्रधानमंत्री आवास ऐप (PM Modi App) इस मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं और योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। Google Play Store

महत्वपूर्ण नोट (Important Note):

  • लाभार्थी सूची देखने के लिए: सबसे उपयोगी लिंक SBM-G आँकड़े एवं रिपोर्ट (दूसरा लिंक) है। इस पेज पर जाकर आप उत्तर प्रदेश का चयन करके, अपने जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चुनाव करके विस्तृत लाभार्थी सूची देख सकते हैं।

  • हेल्पलाइन नंबर: आधिकारिक स्वच्छ भारत मिशन हेल्पलाइन नंबर 1967 या 14456 है, जहाँ से आप मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना केवल एक इमारत बनाने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समाज के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमा में सुधार लाने का एक व्यापक अभियान है। इसकी सफलता सहायता राशि के त्वरित वितरण, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सबसे महत्वपूर्ण, लोगों के व्यवहार परिवर्तन पर निर्भर करती है। यदि आप योजना का हिस्सा हैं, तो न केवल शौचालय का निर्माण कराएं, बल्कि उसके नियमित और उचित उपयोग को भी सुनिश्चित करें। एक स्वच्छ उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दें।

UP Shauchalay Sahayata Yojana: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना में आवेदन कैसे करें? (How to apply for UP Shauchalay Sahayata Yojana?)
A: UP शौचालय योजना में आवेदन मुख्यतः ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से होता है। आपको अपने गाँव के ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव से संपर्क करना है। वे आपको आवेदन फॉर्म देंगे। फॉर्म भरकर उसमें आवश्यक दस्तावेजों की प्रतिलिपि संलग्न करके पंचायत कार्यालय में जमा कर दें। इसके बाद ग्राम पंचायत आपके आवेदन को आगे की प्रक्रिया के लिए भेज देगी।

Q2: यूपी टॉयलेट स्कीम के लिए ऑनलाइन आवेदन लिंक क्या है? (What is the online application link for UP Toilet Scheme?)
A: अभी तक, उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना के लिए सीधे ऑनलाइन आवेदन (Online Apply) की सुविधा शुरू नहीं की गई है। आवेदन की मुख्य प्रक्रिया ऑफलाइन ही है। हालाँकि, आप आधिकारिक पोर्टल swachhbharatmission.gov.in पर जाकर योजना की प्रगति और अपने नाम की लाभार्थी सूची (Beneficiary List) ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

Q3: शौचालय सहायता योजना में कितने रुपये मिलते हैं? (How much money is given in the Toilet Support Scheme?)
A: उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना के तहत लाभार्थी को कुल 12,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि अब दो किस्तों में दी जाती है – पहली किस्त 6,000 रुपये (नींव/पिट बनने पर) और दूसरी किस्त 6,000 रुपये (शौचालय के पूर्ण निर्माण पर)।

Q4: UP शौचालय योजना की लाभार्थी सूची कैसे चेक करें? (How to check UP Shauchalay Yojana beneficiary list?)
A: लाभार्थी सूची चेक करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के आधिकारिक रिपोर्ट पोर्टल sbm.gov.in/sbmreport/home.aspx पर जाएं। वहाँ राज्य के रूप में ‘Uttar Pradesh’ चुनें और फिर अपने जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें। इसके बाद आपके सामने संबंधित ग्राम पंचायत की लाभार्थी सूची खुल जाएगी।

Q5: क्या शहरी क्षेत्र के लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं? (Can urban area people avail benefits of this scheme?)
A: नहीं, उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए है। शहरी क्षेत्रों के लिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की एक अलग योजना है।

Q6: शौचालय निर्माण के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए? (Which documents are required for toilet construction?)
A: आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज हैं:

  • आधार कार्ड

  • निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड/वोटर ID)

  • बैंक खाता पासबुक

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि applicable हो)

  • मोबाइल नंबर

  • पासपोर्ट साइज फोटो

Q7: अगर सहायता राशि नहीं मिली तो क्या करें? (What to do if the assistance amount is not received?)
A: यदि सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई है, तो सबसे पहले अपने ग्राम प्रधान से संपर्क करें। यदि समस्या हल नहीं होती है, तो आप ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) से शिकायत कर सकते हैं या फिर ऑनलाइन शिकायत pgportal.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। आप हेल्पलाइन नंबर 1967 पर भी कॉल कर सकते हैं।

Q8: शौचालय का कौन-सा मॉडल बनवाना अनिवार्य है? (Which toilet model is mandatory to construct?)

A: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) दो-गड्ढ़े वाले पिट शौचालय (Twin-Pit Pour-Flush Toilet) के निर्माण को प्रोत्साहित करता है और इसी मॉडल के लिए सहायता राशि दी जाती है। यह मॉडल वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है।

Q9: क्या पहले से शौचालय होने पर भी आवेदन कर सकते हैं? (Can I apply if I already have a toilet?)
A: नहीं, योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनके घर में पहले से कोई शौचालय नहीं है। योजना का उद्देश्य उन परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित करना है जो खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं।

Q10: योजना की हेल्पलाइन नंबर क्या है? (What is the helpline number for the scheme?)
A: उत्तर प्रदेश शौचालय सहायता योजना और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आप राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1967 या 14456 पर कॉल कर सकते हैं। यह सेवा निःशुल्क है।

Q11: अगर मेरे पास अपनी जमीन नहीं है, तो क्या मैं योजना का लाभ ले सकता हूँ?
A: योजना का लाभ लेने के लिए आवासीय जमीन पर मालिकाना हक या लीज होना आवश्यक है। यदि आपके पास अपनी जमीन नहीं है, तो आप सामुदायिक शौचालय (Community Toilet) के निर्माण के विकल्प के बारे में अपने ग्राम प्रधान से बात कर सकते हैं, जहाँ कई परिवारों के लिए एक साझा शौचालय परिसर बनाया जाता है।

Q12: शौचालय निर्माण शुरू करने के बाद पहली किस्त कब तक मिलती है?
A: पहली किस्त (₹6,000) शौचालय की नींव/पिट (Pit) का काम पूरा होने और ग्राम प्रधान या निर्धारित अधिकारी द्वारा इसका सत्यापन (Verification) होने के बाद जारी की जाती है। सत्यापन के बाद राशि आपके बैंक खाते में आने में कुछ सप्ताह से एक महीने का समय लग सकता है।

Q13: क्या मैं अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) ऑनलाइन ट्रैक कर सकता हूँ?
A: हाँ, आप आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के आधिकारिक रिपोर्ट पोर्टल sbm.gov.in/sbmreport/home.aspx पर जाकर अपने गाँव की लाभार्थी सूची में अपना नाम देख सकते हैं। इस सूची में नाम होना आपके आवेदन के स्वीकृत होने का संकेत है।

Q14: अगर मेरा नाम लाभार्थी सूची में है लेकिन पैसा नहीं मिला, तो क्या करूँ?
A: यदि नाम सूची में है पर राशि नहीं मिली है, तो सबसे पहले अपना बैंक खाता विवरण (जैसे IFSC Code, अकाउंट नंबर) जाँचें कि वह सही है या नहीं। इसके बाद, ग्राम प्रधान से पूछें कि किस्त जारी करने की प्रक्रिया किस स्टेज पर है। यदि समस्या बनी रहती है, तो ब्लॉक कार्यालय में शिकायत करें या ऑनलाइन पोर्टल pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएँ।

Q15: शौचालय बनवाते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
A: निर्माण के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:

  • तकनीक: दो-गड्ढ़े (Twin-Pit) वाले मॉडल का ही उपयोग करें।

  • दूरी: शौचालय का गड्ढा पीने के पानी के स्रोत (कुएँ, हैण्डपम्प) से कम से कम 30 फीट दूर होना चाहिए।

  • वेंटिलेशन: शौचालय में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था हो।

  • पानी की व्यवस्था: फ्लश के लिए पानी की व्यवस्था पहले से ही प्लान कर लें।

Q16: क्या लाभार्थी को शौचालय बनवाने के लिए किसी ठेकेदार की अनिवार्यता है?
A: नहीं, लाभार्थी अपनी सुविधा से शौचालय का निर्माण करा सकता है। यह जरूरी नहीं है कि निर्माण के लिए किसी विशेष ठेकेदार को ही काम देना हो। लाभार्थी स्वयं या स्थानीय मिस्त्री की मदद से भी शौचालय बना सकता है, बशर्ते वह तकनीकी मानकों (Technical Standards) का पालन कर रहा हो।

Q17: अगर आवेदन अस्वीकार (Reject) हो गया है, तो क्या करें?
A: यदि आपका आवेदन अस्वीकार हो गया है, तो ग्राम पंचायत से अस्वीकार का कारण जानने का प्रयास करें। सामान्य कारणों में दस्तावेजों की कमी, पात्रता न होना या गलत जानकारी भरना शामिल है। कारण पता चलने के बाद आप त्रुटि सुधार करके पुनः आवेदन कर सकते हैं या फिर उच्च अधिकारी (जैसे BDO) के पास अपील कर सकते हैं।

Q18: क्या एक परिवार एक से अधिक शौचालय के लिए सहायता ले सकता है?
A: नहीं, योजना के तहत एक परिवार को केवल एक ही शौचालय के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना का लक्ष्य प्रत्येक परिवार को कम से कम एक शौचालय उपलब्ध कराना है।

Q19: शौचालय निर्माण पूरा होने के बाद सत्यापन कौन और कैसे करता है?
A: निर्माण पूरा होने के बाद, ग्राम प्रधान या पंचायत द्वारा नियुक्त स्वच्छता समिति/स्वच्छाग्रही (Sanitation Coordinator) द्वारा अंतिम सत्यापन किया जाता है। वे यह जाँच करते हैं कि शौचालय योजना के मानकों के अनुरूप बना है या नहीं और उसका उपयोग शुरू हो गया है या नहीं। इस सत्यापन की तस्वीरें अक्सर मोबाइल ऐप के जरिए अपलोड भी की जाती हैं।

Q20: अगर बनाया हुआ शौचालय क्षतिग्रस्त हो जाए तो क्या मरम्मत के लिए कोई सहायता मिलती है?
A: योजना के अंतर्गत नए शौचालय के निर्माण के लिए एकमुश्त सहायता दी जाती है। मरम्मत (Repair) या नवीनीकरण (Renovation) के लिए आमतौर पर अलग से कोई वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में लाभार्थी को स्वयं या स्थानीय पंचायत से अन्य फंडिंग के विकल्पों के बारे में पूछताछ करनी चाहिए।

 

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