Uttar Pradesh Gambhir Bimari Sahayata Yojana: पूरी गाइड – लिस्ट में 50+ बीमारियाँ, ऑनलाइन आवेदन, स्टेटस & हेल्पलाइन

UP Gambhir Bimari Sahayata Yojana 2025 का पूरा डिटेल। जानें कौन-कौन सी 50+ बीमारियाँ कवर होती हैं, ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, एप्लीकेशन स्टेटस, लिस्ट ऑफ हॉस्पिटल्स और हेल्पलाइन नंबर। गंभीर रोगों के इलाज में 5 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद।

भूमिका: एक जीवनरक्षक योजना

उत्तर प्रदेश सरकार का “गंभीर बीमारी सहायता योजना” राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का एक विश्वसनीय कवच है। कैंसर, हृदय रोग, गुर्दे की विफलता जैसी गंभीर बीमारियाँ न केवल शारीरिक, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवार को तबाह कर देती हैं। इस योजना का उद्देश्य ऐसे ही परिवारों को इलाज के भारी खर्च से उबारना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना है। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद है।

योजना की विशेषताएँ एवं लाभ (Features and Benefits in Detail)

  1. उच्च वित्तीय सहायता: प्रति वर्ष प्रति परिवार ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) तक की सहायता राशि।

  2. विस्तृत बीमारी कवरेज: इस योजना के अंतर्गत 50 से अधिक गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है। इनमें प्रमुख हैं:

    • कैंसर (विभिन्न प्रकार): स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) आदि।

    • हृदय संबंधी रोग: हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट, कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG), एंजियोप्लास्टी आदि।

    • रीनल (किडनी) रोग: किडनी ट्रांसप्लांट, नियमित डायलिसिस।

    • लिवर रोग: लिवर सिरोसिस, लिवर ट्रांसप्लांट।

    • न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर: पार्किंसन रोग, मल्टीपल स्केलेरोसिस, ब्रेन ट्यूमर।

    • गंभीर दुर्घटना/जलने के मामले: गंभीर बर्न्स का इलाज।

    • अन्य: जन्मजात हृदय रोग, पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज, मेजर ऑर्गन ट्रांसप्लांट आदि।

  3. कैशलेस उपचार की सुविधा: लाभार्थी को योजना के तहत एम्बेडेड (पैनल) अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। सीधे शब्दों में कहें तो मरीज को इलाज के लिए पैसे जमा करने की जरूरत नहीं होती, सीधे अस्पताल का बिल सरकार भरती है।

  4. सरकारी और निजी अस्पतालों का नेटवर्क: योजना में राज्य के सैकड़ों सरकारी और प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं, जिससे लाभार्थियों को अपने नजदीकी और बेहतर इलाज का विकल्प मिलता है।

  5. पारदर्शिता: पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। आवेदन की स्थिति की ऑनलाइन जाँच की जा सकती है।

विस्तृत पात्रता मानदंड (Detailed Eligibility Criteria)

  • निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

  • आय: आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) से कम होनी चाहिए।

  • आयु: कोई निश्चित आयु सीमा नहीं है। योजना राज्य के सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए है।

  • बीमारी: आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य योजना की सूची में शामिल किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होना चाहिए।

  • अन्य: आवेदक के पास सभी जरूरी दस्तावेज (आधार, आय प्रमाण पत्र, मेडिकल सर्टिफिकेट आदि) होने चाहिए।

आवश्यक दस्तावेजों की पूरी सूची (Complete List of Required Documents)

  1. आधार कार्ड: लाभार्थी का आधार कार्ड (अनिवार्य)।

  2. निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी डोमिसाइल सर्टिफिकेट।

  3. आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार/रेवेन्यू अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र जो यह साबित करे कि परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से कम है।

  4. मेडिकल प्रमाण पत्र: योजना में शामिल किसी मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा जारी किया गया मेडिकल सर्टिफिकेट। यह सर्टिफिकेट यह बताएगा कि मरीज को कौन सी गंभीर बीमारी है।

  5. बैंक खाता विवरण: लाभार्थी का बैंक पासबुक/खाते का विवरण (आईएफएससी कोड सहित)।

  6. मोबाइल नंबर: आवेदन से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर।

  7. पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ: हालिया फोटो।

ऑनलाइन आवेदन की चरण-बद्ध प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application Process)

  1. चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ
    सबसे पहले उत्तर प्रदेश गंभीर बीमारी सहायता योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://gbsys.up.gov.in पर जाएँ।

  2. चरण 2: नया पंजीकरण (New Registration)
    होमपेज पर “लाभार्थी पंजीकरण” (Beneficiary Registration) के विकल्प पर क्लिक करें।

  3. चरण 3: आवेदन फॉर्म भरें

    • अब आपके सामने एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा।

    • इसमें अपनी बुनियादी जानकारी दर्ज करें: आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल (यदि हो), जन्म तिथि, लिंग आदि।

    • इसके बाद पता का विवरण (जिला, तहसील, ब्लॉक, गाँव/वार्ड) भरें।

    • पारिवारिक आय का विवरण दर्ज करें।

    • बीमारी का विवरण चुनें (ड्रॉपडाउन मेनू से बीमारी का नाम चुनें)।

    • बैंक खाते का विवरण (खाता संख्या, बैंक का नाम, शाखा, IFSC कोड) भरें।

  4. चरण 4: दस्तावेज अपलोड करें

    • अब फॉर्म में माँगे गए सभी दस्तावेजों (आधार, आय प्रमाण, निवास प्रमाण, मेडिकल सर्टिफिकेट, बैंक पासबुक, फोटो) की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें।

    • ध्यान रखें, सभी फाइल्स निर्धारित साइज और फॉर्मेट (जैसे PDF, JPG) में ही होनी चाहिए।

  5. चरण 5: आवेदन जमा करें और एप्लीकेशन आईडी सुरक्षित रखें

    • सभी जानकारी जाँचने के बाद “सबमिट” बटन पर क्लिक कर दें।

    • सफल सबमिशन के बाद आपकी स्क्रीन पर एक यूनिक एप्लीकेशन आईडी/रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाई देगा। इस नंबर को नोट कर लें या उसका प्रिंट आउट ले लें। भविष्य में आवेदन की स्थिति जाँचने के लिए यह आईडी जरूरी है।

आवेदन स्थिति की जाँच कैसे करें? (How to Check Application Status)

  1. आधिकारिक वेबसाइट https://gbsys.up.gov.in पर जाएँ।

  2. आवेदन स्थिति” (Application Status) के टैब पर क्लिक करें।

  3. अपना एप्लीकेशन आईडी/रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।

  4. “सबमिट” या “खोजें” (Search) बटन पर क्लिक करें।

  5. आपकी स्क्रीन पर आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे “प्रोसेसिंग”, “अनुमोदित”, “अस्वीकृत”) दिख जाएगी।

योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों की सूची कैसे देखें? (How to Find Empaneled Hospitals)

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। आवेदन करने से पहले या बाद में, आप यह जाँच सकते हैं कि कौन-से अस्पताल इस योजना के तहत कैशलेस इलाज प्रदान करते हैं।

  1. आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर जाएँ।

  2. अस्पताल सूची” (Hospital List) या इसी तरह के विकल्प पर क्लिक करें।

  3. आप जिले के हिसाब से अस्पतालों की सूची देख सकते हैं। इस सूची में अस्पताल का नाम, पता और संपर्क नंबर दिया होता है।

संपर्क सूचना एवं शिकायत निवारण (Contact and Grievance Redressal)

यदि आपको योजना से संबंधित कोई समस्या आती है या सहायता की आवश्यकता है, तो आप निम्नलिखित तरीकों से संपर्क कर सकते हैं:

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-5145

  • आधिकारिक वेबसाइट: https://gbsys.up.gov.in (वेबसाइट पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न/FAQ सेक्शन भी है जो उपयोगी है)।

  • जिला स्वास्थ्य अधिकारी: आप सीधे अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या जिला अस्पताल के अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं।

निष्कर्ष: स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी 

उत्तर प्रदेश गंभीर बीमारी सहायता योजना सामाजिक कल्याण की दिशा में एक मजबूत स्तंभ है। यह योजना न केवल जीवन बचाती है, बल्कि परिवारों को दिवालियेपन से बचाकर उनकी आर्थिक गरिमा की रक्षा करती है। अगर आप या आपका कोई परिचित इस योजना की पात्रता रखता है, तो देरी न करें। ऊपर बताई गई सरल ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करके इस जीवनरक्षक लाभ का हकदार बनें।


 Disclaimer: यह लेख सरकारी अधिसूचनाओं और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। योजना के नियमों और दिशा-निर्देशों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। अंतिम और सबसे सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट https://gbsys.up.gov.in से सत्यापन कर लें।

Faqs 

सामान्य प्रश्न

1. उत्तर प्रदेश गंभीर बीमारी सहायता योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को कैंसर, हृदय रोग, किडनी फेल्योर जैसी गंभीर और महंगी बीमारियों के इलाज में आने वाले आर्थिक बोझ से राहत दिलाना है, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण इलाज करा सकें।

3. क्या यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है?
हाँ, यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू है।

पात्रता संबंधी प्रश्न

4. योजना के लिए आवेदन करने की पात्रता क्या है?

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

  • परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए।

  • आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य योजना की सूची में शामिल किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होना चाहिए।

5. क्या आय सीमा ₹3 लाख प्रति व्यक्ति है या पूरे परिवार के लिए?
यह आय सीमा पूरे परिवार की कुल वार्षिक आय के लिए है।

6. क्या कोई आयु सीमा है?
जी नहीं, इस योजना के लिए कोई निश्चित आयु सीमा नहीं है। राज्य का कोई भी पात्र नागरिक आवेदन कर सकता है।

बीमारी और लाभ संबंधी प्रश्न

7. योजना में कौन-कौन सी बीमारियाँ शामिल हैं?
इस योजना में 50 से अधिक गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से कैंसर के विभिन्न प्रकार, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट, लिवर सिरोसिस, मेजर ऑर्गन ट्रांसप्लांट, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और गंभीर जलने के मामले शामिल हैं।

8. एक परिवार को अधिकतम कितनी आर्थिक सहायता मिल सकती है?
एक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) तक की सहायता राशि मिल सकती है।

9. क्या यह सहायता हर साल मिलती है?
यह सहायता प्रति वर्ष प्रति परिवार अधिकतम सीमा तक मिल सकती है, बशर्ते कि इलाज जारी हो और खर्च की सीमा शेष हो।

10. क्या पैसा सीधे मरीज के खाते में मिलता है?
जी हाँ, अनुमोदन के बाद वित्तीय सहायता की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में transfer कर दी जाती है। हालाँकि, कैशलेस इलाज के मामले में सीधे अस्पताल को भुगतान किया जाता है।

आवेदन प्रक्रिया संबंधी प्रश्न

11. योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  1. आधिकारिक वेबसाइट https://gbsys.up.gov.in पर जाएँ।

  2. “लाभार्थी पंजीकरण” पर क्लिक करें।

  3. सारी जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।

  4. सबमिट करने के बाद मिलने वाली एप्लीकेशन आईडी सुरक्षित रखें।

12. आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए? 

  • आधार कार्ड

  • निवास प्रमाण पत्र

  • आय प्रमाण पत्र

  • बीमारी का मेडिकल सर्टिफिकेट (मान्यता प्राप्त सरकारी डॉक्टर से)

  • बैंक खाता पासबुक

  • मोबाइल नंबर

  • पासपोर्ट साइज फोटो

13. मेडिकल सर्टिफिकेट कहाँ से बनवाएँ?
मेडिकल सर्टिफिकेट किसी मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल (जैसे जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज) के संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर (Specialist Doctor) से बनवाना अनिवार्य है।

14. आवेदन की स्थिति (Application Status) कैसे चेक करें?
आधिकारिक वेबसाइट पर “आवेदन स्थिति” (Application Status) के विकल्प पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन/एप्लीकेशन नंबर डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं।

इलाज और अस्पताल संबंधी प्रश्न

15. क्या किसी भी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है?
नहीं, इलाज सिर्फ उन्हीं अस्पतालों में कराया जा सकता है जो इस योजना के तहत “एम्बेडेड” या “पैनल” में शामिल हैं। इन अस्पतालों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

16. कैशलेस इलाज की सुविधा क्या है?
कैशलेस इलाज का मतलब है कि लाभार्थी को इलाज के लिए अस्पताल में पैसे जमा करने की जरूरत नहीं होती। सीधे अस्पताल का बिल योजना के तहत निपटा दिया जाता है।

17. क्या पहले से चल रहे इलाज के लिए आवेदन कर सकते हैं?
योजना के नियमों के अनुसार, आवेदन की तारीख के बाद शुरू होने वाले इलाज को प्राथमिकता दी जाती है। पहले से चल रहे इलाज के लिए सहायता मिलना योग्यता के आधार पर निर्भर करता है। सटीक जानकारी के लिए हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

समस्या निवारण संबंधी प्रश्न

18. अगर आवेदन अस्वीकृत (Reject) हो जाए तो क्या करें?
अगर आवेदन किसी कारणवश अस्वीकृत हो जाता है, तो अस्वीकृति का कारण वेबसाइट पर दिखाई देगा। आप दोबारा सही दस्तावेज और जानकारी के साथ आवेदन कर सकते हैं या फिर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

19. तकनीकी समस्या या कोई शिकायत हो तो कहाँ संपर्क करें?
किसी भी तरह की तकनीकी समस्या, सवाल या शिकायत के लिए आप निम्नलिखित तरीके से संपर्क कर सकते हैं:

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-5145

  • आधिकारिक वेबसाइट: https://gbsys.up.gov.in (वेबसाइट पर ‘ग्रीवेंस रिड्रेसल’ का विकल्प भी हो सकता है)

20. क्या आवेदन करने के लिए किसी एजेंट या दलाल की जरूरत है?
बिल्कुल नहीं। यह एक पूरी तरह से पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया है। आवेदक बिना किसी बिचौलिए के खुद ही आसानी से आवेदन कर सकता है। किसी भी दलाल पर भरोसा करने से बचें और सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें।

 

 

 

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